शरदोत्सव में एक साथ नाटी डालेंगी चार हजार महिलाएं, विंटर क्वीन का भी होगा चयन
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वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा है कि इस बार दो से छह जनवरी तक मनाया जाने वाला शरदोत्सव नए स्वरूप में नजर आएगा। शुक्रवार को मनाली में राष्ट्रीय स्तरीय शरदोत्सव समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने सरकारी और गैर सरकारी सदस्यों के साथ शरदोत्सव के विभिन्न प्रबंधों को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि शरदोत्सव के मुख्य आकर्षणों में स्थानीय और विभिन्न प्रदेशों की सांस्कृतिक झांकियां, विंटर क्वीन स्पर्धा, वॉयस ऑफ कार्निवाल, बेबी शो, फैशन शो और सामूहिक नाटी(हिमाचल का लोक नृत्य) रहेगी।
उन्होंने बताया कि मालरोड पर होने वाली सामूहिक नाटी में मनाली क्षेत्र के लगभग 120 महिला मंडलों की करीब 4000 महिलाएं भाग लेंगी। उत्सव के दौरान सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए 15 प्रदेशों के सांस्कृतिक दलों को आमंत्रित किया गया है। देश-विदेश के सैलानियों के मनोरंजन के लिए विभिन्न सांस्कृतिक दल स्ट्रीट डांस करेंगे।
विंटर और एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए इनसे संबंधित स्पर्धाएं करवाई जाएंगी। महिलाओं की रस्साकशी और अन्य प्रतियोगिताएं भी होंगी। मंत्री कहा कि मनाली शहर के सौंदर्य को निखारने के लिए यहां के भवनों के डिजाइन और वास्तुकला में एकरूपता लाने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में एसडीएम रमन घरसंगी ने शरदोत्सव की तैयारियों का विस्तृत ब्योरा पेश किया। नप अध्यक्ष नीना ठाकुर भी इस दौरान मौजूद रहीं।
स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त शरदोत्सव मनाएंगे
वन मंत्री ने कहा कि शरदोत्सव के दौरान स्वच्छता पर विशेष फोकस किया जाएगा और उत्सव को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने पर जोर दिया जाएगा। इस संबंध में होटल एसोसिएशन और सभी होटेलियरों से चर्चा की जाएगी।
5000 पौधे लगाकर देंगे पर्यावरण संरक्षण का संदेश
वन मंत्री ने बताया कि शरदोत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा और 5000 पौधे लगाए जाएंगे। शरदोत्सव के माध्यम से इस बार पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण का संदेश भी दिया जाएगा। इसके अलावा आम लोगों को यातायात नियमों से अवगत करवाने के लिए स्टॉल लगाए जाएंगे।