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मांग: पूर्व शिक्षा मंत्री राधा रमण बोले- चौपाल को भी जनजातीय क्षेत्र का दर्जा दे सरकार
Tue, 03 May 2022 09:24 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 03 May 2022 09:24 PM IST
सार
पूर्व शिक्षा मंत्री राधा रमण शास्त्री ने कहा शिमला जिले के चौपाल का एक बड़ा क्षेत्र सिरमौर की सीमा से लगता है। भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से ये क्षेत्र गिरिपार के क्षेत्रों के साथ समानता लिए हुए है।
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पूर्व शिक्षा मंत्री राधा रमण शास्त्री ।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्व शिक्षा मंत्री राधा रमण शास्त्री ने कहा है कि हाटी समुदाय ने अपने क्षेत्र को जनजातीय दर्जा दिलाने की मुहिम को दहलीज पर पहुंचा दिया है। हाटी समुदाय के प्रयत्न रंग लाए हैं, उसके लिए वह उन्हें बधाई देते हैं। शास्त्री ने कहा शिमला जिले के चौपाल का एक बड़ा क्षेत्र सिरमौर की सीमा से लगता है। भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से ये क्षेत्र गिरिपार के क्षेत्रों के साथ समानता लिए हुए है।
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गिरिपार के लोगों को जनजाति क्षेत्र का दर्जा मिलता है तो उसके बाद हिमाचल सरकार को चौपाल के इन क्षेत्रों को भी जनजातीय क्षेत्र घोषित करना चाहिए।
चौपाल में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के मुकाबले सड़कों का घनत्व बहुत कम है। जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग चौपाल के पूरे क्षेत्र में चर्चा और विवाद के विषय हैं। उसका सीधा कारण यह है कि दोनों के विभागों की कार्यप्रणाली है। चौपाल में धार चांदना, चेहता, पुलबाहल, थरोच, किरन, स्तोता ऐसे क्षेत्र हैं, जो कहीं न कहीं सिरमौर से लगते हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों को भी दर्जा मिलना चाहिए।
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