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किसके लिए नीतियां बना रही सरकार : धूमल
ब्यूराे/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 01 Jul 2014 09:06 AM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने राज्य की कांग्रेस सरकार से पूछा है कि वह किसके लिए नीतियां बना रही है? शिमला से जारी प्रेस बयान में धूमल ने कहा कि मेडिकल और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सरकार की नीतियों और फैसलों से प्रदेश के मेधावी युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
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एक ओर सरकार ने निजी मेडिकल कालेज को 150 एमबीबीएस सीटों का एनओसी दे दिया और दूसरी ओर अपने मेडिकल कालेजों की कमियों को दूर नहीं किया। इससे आईजीएमसी में एमबीबीएस सीटें 100 से कम होकर 85 रह गईं और टांडा में 100 से 50 हो गईं।
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दूसरा मामला इंजीनियरिंग कालेजों का है। तकनीकी शिक्षा में राज्य सरकार ने प्रवेश के लिए ऐसे नियम लागू किए हैं जो पूरे देश में कहीं नहीं हैं। इस कारण पढ़ने की इच्छा रखने वाले छात्रों को प्रदेश से बाहर जाना पड़ रहा है।
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हिमाचल में खुले संस्थान हो रहे बंद
हिमाचल में खुले संस्थान बंद हो रहे हैं और प्रदेश से बाहर के संस्थान चांदी कूट रहे हैं। इसलिए सरकार बताए कि ये नीतियां किसके फायदे के लिए बनाई जा रही हैं? धूमल ने पूछा है कि सरकार बताए कि जिन छात्रों को सरकार प्रदेश में प्रवेश के पात्र नहीं मानती, यदि वे बाहर से कोर्स पूरा कर आते हैं तो यहां क्या सरकारी सेवा के लिए पात्र होंगे?
उन्होंने वर्तमान सरकार पर युवा विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये सारे फैसले प्रदेश के बाहर के निजी संस्थानों को फायदा पहुंचाने के लिए हो रहे हैं।
धूमल ने कहा है कि राज्य सरकार एमबीबीएस सीटों में हुई कटौती के मसले पर केंद्र सरकार पर आरोप लगाए, क्योंकि ये पूरी तरह प्रदेश सरकार और एमसीआई का मसला है।
पूर्व भाजपा सरकार ने जब सीटें बढ़वाईं थी तो केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन सीटें एमसीआई की शर्तें पूरी करने के बाद बढ़ाई गई थीं। उन्होंने पूछा कि जब सारे राज्यों ने एमसीआई की आपत्तियों को दूर करने के लिए अंडरटेकिंग दे दी थी तो हिमाचल सरकार कहां सोई रही?