वन कर्मियों ने बचाने के चक्कर में दौड़ा-दौड़ा कर मार डाला सांभर
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वन विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही जसूर में एक सांभर की मौत का सबब बन गई। वन कर्मी सांभर को बचाने के चक्कर में तीन घंटे तक दौड़ाते रहे। जिसके कारण वह घायल हो गया और उसके बाद उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार जसूर विद्युत केंद्र में सुबह सात बजे एक सांभर परिसर में घुस गया। लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन व वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सांभर को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
लगभग तीन घंटे तक रेस्क्यू अभियान चला। तब तक परिसर में सांभर गंभीर रूप से घायल हो चुका था। पकड़ने के आधे घंटे के भीतर ही सांभर ने वहीं पर दम तोड़ दिया। बताया जा रहा लोगों का जमावड़ा लगने के कारण भी रेस्क्यू करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ट्रेंकुलाइजर गन होने के बाद भी नहीं बचा सांभर
लोगों की भीड़ के कारण सांभर पूरे परिसर में लगातार दौड़ता रहा। वन विभाग के पास ट्रेंकुलाइजर गन होने के बावजूद सांभर नहीं बच पाया। पहले वन विभाग की टीम बिना ट्रेंकुलाइजर गन मौके पर पहुंची। उसके बाद ट्रेंकुलाइजर गन और इंदौरा से प्रशिक्षित वन कर्मी को बुलाया गया।
उसके बाद सांभर को पकड़ा गया, लेकिन चंद मिनटों में उसने दम तोड़ दिया। वन विभाग के रेंज ऑफिसर इंदौरा शिवराज सिंह ने कहा कि प्रशिक्षित कर्मी को ट्रेंकुलाइजर गन सहित मौके पर बुला लिया गया था, लेकिन लोगों की भीड़ से डरा हुआ सांभर दौड़ते हुए कई बार घायल हो गया था।
जिसके चलते घायल हुए सांभर को बचाने के प्रयास सफल नहीं हुए और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। पशुपालन विभाग के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश परमार ने कहा कि पोस्टमार्टम में सांभर की मौत की वजह ह्रदयाघात पाया गया है।