फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   forest minister thakur singh bharmori

स्वीडन से वन मंत्री लाए बंदर भगाने का यंत्र

Tue, 14 Oct 2014 12:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 14 Oct 2014 12:43 PM IST
विज्ञापन
forest minister thakur singh bharmori

हिमाचल प्रदेश के वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी बंदर भगाने के लिए स्वीडन से यंत्र लाए है। इस यंत्र के जरिये बंदरों से प्रदेश के फल और फसल नुकसान को बचाने की तैयारी है। शिमला के टूटी कंडी स्थित वन्यजीव पुनर्वास केंद्र से पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो प्रदेश भर में इसे लागू किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के बागवानों और किसानों को भी इसे उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

विज्ञापन


प्रदेश के वन मंत्री ठाकुर सिंह के नेतृत्व में प्रदेश के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ललित मोहन, डीएफओ शिमला पिछले माह ही स्वीडन के दौरे पर गए थे। इनके दौरे का मकसद स्नो लेपर्ड के प्रजनन को लेकर था। इस दौरान मंत्री ने बंदरों को लेकर भी स्वीडन के अफसरों से बात की, जिसके बाद स्वीडन के वन अफसरों ने उन्हें उपहार में एक यंत्र भेंट किया, जिसकी आवाज से बंदर या दूसरे जानवर भाग जाएंगे। वन मंत्री उस उपहार को तो लाए है, लेकिन उसी की तर्ज पर हिमाचल में यंत्र बनवाने की बात की जा रही है। ताकि वह यंत्र यहां सस्ते में बन जाए। उसकी आवाज से बंदर भाग जाएंगे।
विज्ञापन


आठ हजार करोड़ का नुकसान
हिमाचल प्रदेश में बंदरों और अन्य जंगली जानवरों से फल और फसलों को तकरीबन आठ हजार करोड़ रुपये की क्षति होती है। इससे प्रदेश के किसान और बागवान काफी परेशान है। खासतौर पर सिरमौर, मंडी, बिलासपुर और शिमला में सबसे अधिक नुकसान होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नसबंदी योजना हो चुकी फेल
हिमाचल प्रदेश में बंदरों की नसबंदी योजना पूरी तरह फेल हो चुकी है। जंगलात महकमे की ओर से अब तक तकरीबन 80 हजार बंदरों की नसबंदी की जा चुकी है, लेकिन प्रदेश में किसी स्तर पर बंदरों का आतंक कम होता नजर नहीं आ रहा है। बंदरों के कारण प्रदेश के फसलों को भारी क्षति हो रही है।


बंदरों को भगाने के लिए स्वीडन से यंत्र लाया गया है। इसे लोकल स्तर पर भी बनवाया जाएगा। इसके लिए कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है, जिससे सस्ते में बनवाया जा सके।
-ललित मोहन, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक हिमाचल प्रदेश

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed