होशियार प्रकरण की चार्जशीट में ये खामियां, विभाग को लौटाई फाइल
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वनरक्षक होशियार सिंह मौत मामले में आरोपी बनाए गए वन विभाग के निलंबित बीओ, पूर्व वनरक्षक और सेवानिवृत्त आरओ के खिलाफ विभाग की चार्जशीट को सरकार ने लौटा दिया है।
चार्जशीट में तकनीकी खामियों का हवाला दिया गया है। सरकार ने चार्जशीट लौटाते हुए तत्काल खामियां दूर आरोपपत्र फिर सौंपने की हिदायतें जारी की हैं।
चार्जशीट में खामियों के चलते अभी मामले के नामजद तीनों आरोपियों के खिलाफ अभियोग अथवा विभागीय जांच शुरू नहीं हो पाई है। वनरक्षक होशियार सिंह मौत मामले और कतांडा बीट में कटान मामले में नामजद निलंबित बीओ तेजराम, सेरी कतांडा बीट के पूर्व वनरक्षक गिरधारी लाल और मगरू बीट के परिक्षेत्र अधिकारी आरओ सेवानिवृत्त स्वरूप चंद के खिलाफ वन विभाग ने सरकार को हाल ही में चार्जशीट सौंपी थी।
वनरक्षक होशियार सिंह की मौत का मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने तीनों के खिलाफ जांच की थी। जांच में तीनों की लापरवाही व मिलीभगत से वन विभाग को करीब 45 लाख रुपये के आर्थिक नुकसान का खुलासा हुआ था।
विभाग ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर उच्च अधिकारियों को मंजूरी के लिए भेजी थी। चार्जशीट में विभाग ने तेजराम, गिरधारी लाल व स्वरूप चंद पर ड्यूटी के दौरान कोताही बरतने व अवैध कटान कराने के आरोप लगाए थे।
नहीं मिले कोई निर्देश
तीनों की लापरवाही व मिलीभगत से सेरी कतांडा बीट में 25 पेड़ अवैध रूप से कटे पाए गए थे। रिपोर्ट के आधार पर डीएफओ कार्यालय करसोग ने करीब दो माह पहले तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर अरण्यपाल मंडी को आगामी कार्रवाई के लिए सौंपी थी।
इसके बाद इसे मंडी से प्रधान मुख्य अरण्यपाल को प्रेषित किया गया। लेकिन, तकनीकी खामियों का हवाला देकर अब सरकार ने चार्जशीट दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए हैं।
डीएफओ करसोग राजकुमार ने कहा कि चार्जशीट उच्च अधिकारियों को सौंपी गई है। लेकिन, अभी तक चार्जशीट की मंजूरी और विभागीय जांच शुरू करने के बारे में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। मामला उच्च अधिकारियों के ध्यान में हैं।
आपत्तियां दूर कर दोबारा भेजेंगे चार्जशीट
प्रधान मुख्य अरण्यपाल हिमाचल प्रदेश जीएम गोराया ने कहा कि सरकार ने चार्जशीट मंजूर नहीं की है। कुछ आपत्तियां जताई थीं। वापस भेजी गई फाइल को संशोधित कर दोबारा सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।