आग पर काबू पाने में मदद करने वालों को पुरस्कृत करेगा वन विभाग
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मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने गुरुवार को शिमला में प्रदेश में वनों को आग से बचाने के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा को लेकर बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वनों को आग से निपटने के लिए ‘त्वरित रिस्पांस टीम’ का गठन किया जाएगा, जो गृह रक्षकों की मदद से वनों की आग को बुझाएगी। स्थानीय लोगों को आग बुझाने में मदद करने पर उन्हें जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश के 80 संवेदनशील वन मंडलों में 24 घंटे फोरेस्ट स्टाफ के अतिरिक्त विभाग के कर्मचारी वनों की सुरक्षा के लिए तैनात किए जाएंगे। त्वरित रिस्पांस टीम बिना किसी विलंब के आपातकाल में वनों की आग से सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होगी। होमगार्ड को अग्निशमन किट तथा अग्नि प्रतिरोधक वर्दी को तैयार रखने को कहा गया है।
अग्रवाल ने वन अधिकारियों को नई तकनीक और तरीकों के साथ जंगल की आग बुझाने के लिए स्थानीय लोगों के पारंपरिक तरीकों का भी पता लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि 28 अग्नि संवेदनशील वन मंडलों में इस मौसम में एक वाहन पानी की टंकियों, लिफ्टिंग मोटर तथा पाइप के साथ उपलब्ध करवाया गया है। दूसरा वाहन अतिशीघ्र दिया जाएगा।
इन नंबरों पर करें फोन
उन्होंने वन नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 1077 और 1070 को प्रदेश तथा जिला आपदा प्रबंधन के नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर के साथ जोड़ने के निर्देश दिए। यह दूरभाष नंबर वनों में लगने वाली आग की सूचना संबंधित अधिकारियों को शीघ्र जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए प्रयोग में लाए जाएंगे।
20 हजार से अधिक लोगों को जाएगा आग बुझाने का एसएमएस
पीसीसीएफ अजय शर्मा ने बताया कि फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के साथ रैपिड फोरेस्ट फायर फोर्स को मंजूर किया गया है। इसके माध्यम से 11000 से अधिक स्वयंसेवक, गैर सरकारी संगठन और पीआरआई के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में जंगल की आग के बारे में अलर्ट का एसएमएस प्राप्त करते हैं। यह आंकड़ा देश में सबसे अधिक है और निकट भविष्य में इसकी संख्या 20 हजार से अधिक होने की संभावना है।