फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Forest Department will reward those who help overcome the fire

आग पर काबू पाने में मदद करने वालों को पुरस्कृत करेगा वन विभाग

Thu, 09 May 2019 10:05 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 09 May 2019 10:05 PM IST
विज्ञापन
Forest Department will reward those who help overcome the fire
- फोटो : अमर उजाला

मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने गुरुवार को शिमला में प्रदेश में वनों को आग से बचाने के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा को लेकर बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वनों को आग से निपटने के लिए ‘त्वरित रिस्पांस टीम’ का गठन किया जाएगा, जो गृह रक्षकों की मदद से वनों की आग को बुझाएगी। स्थानीय लोगों को आग बुझाने में मदद करने पर उन्हें जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

विज्ञापन


अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश के 80 संवेदनशील वन मंडलों में 24 घंटे फोरेस्ट स्टाफ के अतिरिक्त विभाग के कर्मचारी वनों की सुरक्षा के लिए तैनात किए जाएंगे। त्वरित रिस्पांस टीम बिना किसी विलंब के आपातकाल में वनों की आग से सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होगी। होमगार्ड को अग्निशमन किट तथा अग्नि प्रतिरोधक वर्दी को तैयार रखने को कहा गया है।
विज्ञापन


अग्रवाल ने वन अधिकारियों को नई तकनीक और तरीकों के साथ जंगल की आग बुझाने के लिए स्थानीय लोगों के पारंपरिक तरीकों का भी पता लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि 28 अग्नि संवेदनशील वन मंडलों में इस मौसम में एक वाहन पानी की टंकियों, लिफ्टिंग मोटर तथा पाइप के साथ उपलब्ध करवाया गया है। दूसरा वाहन अतिशीघ्र दिया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इन नंबरों पर करें फोन 

उन्होंने वन नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 1077 और 1070 को प्रदेश तथा जिला आपदा प्रबंधन के नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर के साथ जोड़ने के निर्देश दिए। यह दूरभाष नंबर वनों में लगने वाली आग की सूचना संबंधित अधिकारियों को शीघ्र जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए प्रयोग में लाए जाएंगे।  

20 हजार से अधिक लोगों को जाएगा आग बुझाने का एसएमएस 
पीसीसीएफ अजय शर्मा ने बताया कि फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के साथ रैपिड फोरेस्ट फायर फोर्स को मंजूर किया गया है। इसके माध्यम से 11000 से अधिक स्वयंसेवक, गैर सरकारी संगठन और पीआरआई के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में जंगल की आग के बारे में अलर्ट का एसएमएस प्राप्त करते हैं। यह आंकड़ा देश में सबसे अधिक है और निकट भविष्य में इसकी संख्या 20 हजार से अधिक होने की संभावना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed