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आशियाना बचाने की खातिर पूर्व डीजीपी ने दिए ये तर्क!
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 26 Jul 2014 01:13 PM IST
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हिमाचल की राजधानी शिमला के नवबहार में सरकारी भूमि कब्जाने के आरोप में घिरे राज्य के पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास शुक्रवार को सहायक आयुक्त नरेश ठाकुर की कोर्ट में पेश हुए।
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मामले में पहली बार खुद पेश होते हुए डीएस मन्हास ने राजस्व रिकार्ड पर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सहायक आयुक्त कोर्ट से सेटलमेंट कलेक्टर के आदेश आने तक इस मामले को स्थगित करने के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया।
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जिसे स्वीकार करते हुए सहायक आयुक्त कोर्ट ने पांच अगस्त तक नगर निगम से इस संदर्भ में जवाब मांगा है। मामले पर आगामी कार्रवाई 5 अगस्त को होगी।
शुक्रवार दोपहर बाद सहायक आयुक्त में अपने वकील के साथ पेश हुए पूर्व डीजीपी ने कहा कि जब उन्होंने नवबहार में मकान बनाया था तो उस समय नायब तहसीलदार सेटलमेंट ने उन्हें उनके भवन के पास सरकारी भूमि नहीं होने का प्रमाणपत्र दिया था।
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मगर अब नए राजस्व रिकार्ड में उनके भवन के कुछ हिस्से को सरकारी भूमि पर दिखाया जा रहा है। इस बाबत उन्होंने सेटलमेंट कलेक्टर के कोर्ट में केस किया हुआ है।
जब तक कलेक्टर कोर्ट से जवाब नहीं आ जाता तब तक मामले को स्थगित किया जाए। मन्हास ने न्याय करने की बात कहते हुए समय मांगा है।