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KNH मामले से लिया सबक, अस्पताल में मां और बच्चे के लिए अब होगी ये व्यवस्था
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 26 Oct 2016 12:01 AM IST
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कमला नेहरू अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में हुई किरकिरी के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे ने सख्त रुख अख्तियार किया है। स्वास्थ्य निदेशालय ने प्रदेश के सभी सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के किसी भी अस्पताल में पैदा होने वाले बच्चे के फुटप्रिंट लेना जरूरी होगा।
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साथ ही उसकी मां के अंगूठे का निशान भी लिया जाएगा। इससे बच्चे और उसकी मां की पहचान होने में आसानी होगी। कहा गया है कि अस्पतालों के लिए बने इस स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर(एसओपी) का सख्ती से पालन होने न पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की बैठक हुई।
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बैठक में स्वास्थ्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा व एनएचएम के विभिन्न प्रोग्रामों की त्रैमासिक समीक्षा की गई। इस दौरान केएनएच में हुई घटना पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए नियमों को सख्ती से पालन करने को कहा। कहा कि हर सीएमओ अपने क्षेत्र में संचालित हर स्वास्थ्य संस्था में नियमों की अनुपालना सुनिश्चित कराएंगे।
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बैठक में एसओपी के सख्ती से लागू करने के अलावा कई अन्य निर्देश सभी सीएमओ को दिए गए। इनमें सभी सीएमओ को कहा गया कि वह खाद्य उत्पादों की सैंपलिंग और जांच को सख्ती के साथ करें। साथ ही कहा गया कि सीएमओ ड्रग इंस्पेक्टरों के जरिये यह सुनिश्चित कराएं कि डाक्टर ब्रांड के बजाय जेनेरिक दवाएं ही लिखे।
साथ ही जो जेनेरिक दवाएं लिखी जा रही हैं वह मेडिकल स्टोरों पर सस्ती दरों पर उपलब्ध भी हो। इसके अलावा सभी सीएमओ को कहा गया कि वह अपने क्षेत्र के सभी डायगनोस्टिक सेंटरों की तीन महीने में एक बार जरूर निरीक्षण करें। बैठक में स्वास्थ्य सेवा के निदेशक डा बलदेव कुमार, निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा कैप्टन रमन शर्मा के अलावा विभिन्न प्रोग्राम के प्रभारी अधिकारी व सीएमओ मौजूद थे।
111 फर्जी डाक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश
बैठक के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा निदेशालय ने शिमला और किन्नौर के सीएमओ को 111 डाक्टरों की सूची दी है जो क्वालिफाइड न होने के बावजूद प्रैक्टिस कर रहे हैं। निदेशालय ने दोनों सीएमओ को इनके खिलाफ एक महीने के अंदर कार्रवाई कर रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही अन्य जिलों के सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि वह अपने यहां बिना योग्यता के प्रैक्टिस करने वाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई करें।