फूलों से सजेगा हेरिटेज शिमला-कालका रेल ट्रैक, हर पांच किमी के बाद होगी फुलवारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक सदी पुराने हेरिटेज शिमला-कालका रेल मार्ग को फूलों से सजाया जा रहा है। इस ट्रैक पर हर पांच किलोमीटर के बाद फुलवारी लगाई जाएगी। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बुधवार को राजभवन शिमला में रेलवे, वन और प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रेल ट्रैक पर फुलवारी एवं नर्सरी स्थापित करने की रूपरेखा तैयार करने को लेकर बैठक की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि ट्रैक के हर पांच किलोमीटर पर फुलवारी एवं नर्सरी स्थापित की जाएंगी। राज्यपाल ने कहा कि गत दिवस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी भेंट हुई। उनसे स्वच्छता अभियान पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने विशेष तौर पर शिमला-कालका रेल ट्रैक के दोनों ओर फुलवारी एवं नर्सरी तैयार करने पर जोर दिया, ताकि पर्यटकों के लिए धरोहर रेल ट्रैक आकर्षण का केंद्र बन सके।
फूल-पौधों की बिक्री से रेलवे की आय में वृद्धि भी होगी। उन्होंने रेलवे अधिकारियों को सुझाव दिया कि 90 किलोमीटर के इस ट्रैक पर हर पांच किलोमीटर पर एक ऐसी नर्सरी तैयार की जानी चाहिए।
टेरीटोरियल आर्मी का भी लेंगे सहयोग
उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रेलवे को पौधे उपलब्ध करवाएं। वन विभाग राज्य भर में साल भर लगभग 60 से 70 लाख पौधों का रोपण करता है।उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों के उत्पात पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि वन क्षेत्रों में फलदार पौधे रोपित किए जाने चाहिएं, जिससे बंदर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में न आएं। रेलवे, वन विभाग तथा हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस अवसर पर अपने सुझाव दिए।
राज्यपाल ने कहा कि इस दिशा में टेरीटोरियल आर्मी का भी सहयोग लिया जा सकता है। उन्होंने रेलवे से इस कार्य के लिए स्पॉट चिह्नित करने के लिए कहा। उन्होंने रेलवे द्वारा सोलन जिले के सलोगड़ा में स्थापित नर्सरी के रखरखाव और उनमें विभिन्न किस्मों के पौधे उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया।