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Shimla News: फ्लावरडेल कॉलोनी में एंबुलेंस रोड की सुविधा नहीं, कुली उठाकर लाते हैं मरीज
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सीरीज 4
कॉलोनी में 19 ब्लॉक में से दो ब्लॉक में ही एंबुलेंस रोड
17 ब्लॉकों से मरीजों को कुली उठाकर लाते हैं सड़क तक
कॉमन इंट्रो
सचिवालय के नजदीक हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फ्लावरडेल की हालत खराब है। हजारों लोगों के लिए एंबुलेंस रोड की सुविधा नहीं है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग लोगों को तीमारदार कॉलोनी के गेट के पास बने ब्लॉक तक पीठ और गोद में उठाकर लाते हैं। किसी तरह सड़क पर पहुंच जाए तो गाड़ियों को पास देने की जगह न मिलने से जाम में फंसना पड़ता है। पेश है संवाददाता सुमित ठाकुर की रिपोर्ट :-
मरीजों को कुली उठाकर पहुंचाते हैं सड़क तक
200 से 400 रुपये तक चुकाना पड़ता है भाड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के बैनमोर वार्ड के तहत सचिवालय के पास हाउसिंग बोर्ड फ्लावरडेल कॉलोनी में रहने वाले लोग पार्किंग और एंबुलेंस रोड की सुविधा से वंचित हैं।
कॉलोनी में केवल दो ब्लॉक तक ही पार्किंग और एंबुलेंस रोड की सुविधा उपलब्ध है, जबकि नीचे की ओर बने ब्लॉक 16,17,18 और 19 में रहने वाले लोगों को सड़क तथा पार्किंग की सुविधा नहीं है। यहां रहने वाले लोगों को पार्किंग वाली सड़क तक पहुंचने के लिए करीब 250 मीटर पैदल चलना पड़ता है। इस वजह से स्थानीय निवासियों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।कॉलोनी में सबसे गंभीर समस्या बीमार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के दौरान आ रही है।
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सड़क की सुविधा न होने के कारण मरीजों को सड़क तक लाने के लिए कुलियों की मदद लेनी पड़ती है। इसके लिए लोगों को एक बार में 200 से 400 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। दिन में दो बार आना-जाना करना पड़े तो यह खर्च 800 रुपये तक पहुंच रहा है। टैक्सी की सुविधा के अभाव में लोगों को अस्पताल और बाजार तक पहुंचने में भी दिक्कत हो रही है। कॉलोनी में बच्चों के खेलने के लिए मैदान नहीं है। स्थानीय निवासी मोनिका शर्मा, इंद्रा काल्टा और वीना ठाकुर ने बताया कि हिमुडा ने नक्शे में सड़क और पार्किंग की व्यवस्था दर्शाई थी लेकिन मौके पर स्थिति संतोषजनक नहीं मिली है।
पार्षद शीनम कटारिया ने कहा कि फ्लावरडेल में रहने वाले लोगों के लिए अलग से सड़क सुविधा देने को लेकर प्लान बनाया है। साइट विजिट तक कर लिया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू करेंगे। हिमुडा की एडवाइजर अंजोरी कपूर ने कहा कि कॉलोनी की सोसायटी भी छोटे-छोटे कार्य अपने स्तर पर करवाती है, लेकिन हिमुडा के स्तर पर जो कार्य होते है, उनका तुरंत समाधान करवा दिया जाता है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि हिमुडा की ओर से कॉलोनियों में कार्य किए जाने हैं, वह तो उन्हें ही करवाने होंगे। निगम स्तर के कार्य प्राथमिकता पर पूरे किए जाते हैं।
खुद पैसे देकर बनाई है सीढि़यां
कॉलोनी में सड़क और पार्किंग की पूरी सुविधा मिलनी चाहिए। नक्शों में इसको लेकर प्लान भी बताया है, लेकिन धरातल पर अभी व्यवस्था लागू नहीं हुई है। कनेक्टिविटी के लिए लोगों ने स्वयं पैसे देकर सीढि़या बनाई है।
- मदन काल्टा, अध्यक्ष रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन
आर्थिक बोझ रहा बढ़
मरीजों को मुख्य सड़क तक पहुंचाना काफी चुनौती है। नीचे के ब्लॉक में जो लोग रह रहे है, वह बाहरी राज्यों के है। ऐसे में उन्हें पैदल चलना मुश्किल हो रहता है। किसी बुजुर्ग को सड़क तक लाना हो तो मजदूरों को पैसे देने पड़ते हैं जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
- सविता शर्मा, स्थायी निवासी
बैठने की नहीं उचित व्यवस्था
कॉलोनी में बच्चों के खेलने के लिए पार्क की उचित व्यवस्था नहीं है। एक छोटा सा पार्क अस्थायी तौर पर तैयार तो किया है, लेकिन यह काफी नहीं है। यहां पर खेलने तो दूर बैठने के लिए भी उचित व्यवस्था नहीं है।
- सरिता तंवर, स्थायी निवासी
सड़कों को किया जाए चौड़ा
सोसायटी के लिए आने वाली सड़क की चौड़ाई ज्यादा नहीं है। इस वजह से पास देने में मुश्किलें पेश आती है। हालांकि स्थानीय पार्षद और शहरी विधायक हरीश जनारथा को समस्या बताई है, समाधान की बात कही है।
- वीना ठाकुर, स्थायी निवासी
प्लानिंग की भारी कमी
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फ्लावरडेल के निर्माण के दौरान प्लानिंग की कमी देखने को मिली है। यही वजह है कि अब यहां रहने वाले हजारों लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हिमुडा जल्द इसमें सुधार लाए, ताकि लोगों को राहत मिले।
-किरन चौहान, स्थानीय निवासी
ये है पांच बड़ी समस्याएं
- एंबुलेंस रोड की नहीं है व्यवस्था।
- अस्पतालों के टैक्सी सुविधा की उठी मांग।
- दो ब्लॉक के लिए ही है पार्किंग, अन्य ब्लॉक सुविधा से महरूम।
- एक से दूसरे ब्लॉक की कनेक्टिविटी के लिए नहीं बनाई सीढि़यां, अब खुद पैसे देकर बनाई।
- कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं, बच्चों के लिए भी नहीं है पार्क।
आंकड़ों में जाने सोसायटी
सितंबर 2023 में सोसायटी का पंजीकरण।
1000 लोग रहते है सोसायटी में।
200 के करीब हैं फ्लैट
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कॉलोनी में 19 ब्लॉक में से दो ब्लॉक में ही एंबुलेंस रोड
17 ब्लॉकों से मरीजों को कुली उठाकर लाते हैं सड़क तक
कॉमन इंट्रो
सचिवालय के नजदीक हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फ्लावरडेल की हालत खराब है। हजारों लोगों के लिए एंबुलेंस रोड की सुविधा नहीं है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग लोगों को तीमारदार कॉलोनी के गेट के पास बने ब्लॉक तक पीठ और गोद में उठाकर लाते हैं। किसी तरह सड़क पर पहुंच जाए तो गाड़ियों को पास देने की जगह न मिलने से जाम में फंसना पड़ता है। पेश है संवाददाता सुमित ठाकुर की रिपोर्ट :-
मरीजों को कुली उठाकर पहुंचाते हैं सड़क तक
200 से 400 रुपये तक चुकाना पड़ता है भाड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के बैनमोर वार्ड के तहत सचिवालय के पास हाउसिंग बोर्ड फ्लावरडेल कॉलोनी में रहने वाले लोग पार्किंग और एंबुलेंस रोड की सुविधा से वंचित हैं।
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कॉलोनी में केवल दो ब्लॉक तक ही पार्किंग और एंबुलेंस रोड की सुविधा उपलब्ध है, जबकि नीचे की ओर बने ब्लॉक 16,17,18 और 19 में रहने वाले लोगों को सड़क तथा पार्किंग की सुविधा नहीं है। यहां रहने वाले लोगों को पार्किंग वाली सड़क तक पहुंचने के लिए करीब 250 मीटर पैदल चलना पड़ता है। इस वजह से स्थानीय निवासियों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।कॉलोनी में सबसे गंभीर समस्या बीमार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के दौरान आ रही है।
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सड़क की सुविधा न होने के कारण मरीजों को सड़क तक लाने के लिए कुलियों की मदद लेनी पड़ती है। इसके लिए लोगों को एक बार में 200 से 400 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। दिन में दो बार आना-जाना करना पड़े तो यह खर्च 800 रुपये तक पहुंच रहा है। टैक्सी की सुविधा के अभाव में लोगों को अस्पताल और बाजार तक पहुंचने में भी दिक्कत हो रही है। कॉलोनी में बच्चों के खेलने के लिए मैदान नहीं है। स्थानीय निवासी मोनिका शर्मा, इंद्रा काल्टा और वीना ठाकुर ने बताया कि हिमुडा ने नक्शे में सड़क और पार्किंग की व्यवस्था दर्शाई थी लेकिन मौके पर स्थिति संतोषजनक नहीं मिली है।
पार्षद शीनम कटारिया ने कहा कि फ्लावरडेल में रहने वाले लोगों के लिए अलग से सड़क सुविधा देने को लेकर प्लान बनाया है। साइट विजिट तक कर लिया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू करेंगे। हिमुडा की एडवाइजर अंजोरी कपूर ने कहा कि कॉलोनी की सोसायटी भी छोटे-छोटे कार्य अपने स्तर पर करवाती है, लेकिन हिमुडा के स्तर पर जो कार्य होते है, उनका तुरंत समाधान करवा दिया जाता है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि हिमुडा की ओर से कॉलोनियों में कार्य किए जाने हैं, वह तो उन्हें ही करवाने होंगे। निगम स्तर के कार्य प्राथमिकता पर पूरे किए जाते हैं।
खुद पैसे देकर बनाई है सीढि़यां
कॉलोनी में सड़क और पार्किंग की पूरी सुविधा मिलनी चाहिए। नक्शों में इसको लेकर प्लान भी बताया है, लेकिन धरातल पर अभी व्यवस्था लागू नहीं हुई है। कनेक्टिविटी के लिए लोगों ने स्वयं पैसे देकर सीढि़या बनाई है।
- मदन काल्टा, अध्यक्ष रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन
आर्थिक बोझ रहा बढ़
मरीजों को मुख्य सड़क तक पहुंचाना काफी चुनौती है। नीचे के ब्लॉक में जो लोग रह रहे है, वह बाहरी राज्यों के है। ऐसे में उन्हें पैदल चलना मुश्किल हो रहता है। किसी बुजुर्ग को सड़क तक लाना हो तो मजदूरों को पैसे देने पड़ते हैं जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
- सविता शर्मा, स्थायी निवासी
बैठने की नहीं उचित व्यवस्था
कॉलोनी में बच्चों के खेलने के लिए पार्क की उचित व्यवस्था नहीं है। एक छोटा सा पार्क अस्थायी तौर पर तैयार तो किया है, लेकिन यह काफी नहीं है। यहां पर खेलने तो दूर बैठने के लिए भी उचित व्यवस्था नहीं है।
- सरिता तंवर, स्थायी निवासी
सड़कों को किया जाए चौड़ा
सोसायटी के लिए आने वाली सड़क की चौड़ाई ज्यादा नहीं है। इस वजह से पास देने में मुश्किलें पेश आती है। हालांकि स्थानीय पार्षद और शहरी विधायक हरीश जनारथा को समस्या बताई है, समाधान की बात कही है।
- वीना ठाकुर, स्थायी निवासी
प्लानिंग की भारी कमी
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फ्लावरडेल के निर्माण के दौरान प्लानिंग की कमी देखने को मिली है। यही वजह है कि अब यहां रहने वाले हजारों लोगों को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हिमुडा जल्द इसमें सुधार लाए, ताकि लोगों को राहत मिले।
-किरन चौहान, स्थानीय निवासी
ये है पांच बड़ी समस्याएं
- एंबुलेंस रोड की नहीं है व्यवस्था।
- अस्पतालों के टैक्सी सुविधा की उठी मांग।
- दो ब्लॉक के लिए ही है पार्किंग, अन्य ब्लॉक सुविधा से महरूम।
- एक से दूसरे ब्लॉक की कनेक्टिविटी के लिए नहीं बनाई सीढि़यां, अब खुद पैसे देकर बनाई।
- कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं, बच्चों के लिए भी नहीं है पार्क।
आंकड़ों में जाने सोसायटी
सितंबर 2023 में सोसायटी का पंजीकरण।
1000 लोग रहते है सोसायटी में।
200 के करीब हैं फ्लैट