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मंत्री परेशान, एक-एक कर दिल्ली जा रहे अफसर
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 14 Nov 2014 01:21 PM IST
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हिमाचल प्रदेश के कैडर के अफसरों का दिल्ली जाने का सिलसिला जारी है। केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद सूबे के पांच आईएएस अफसरों के दिल्ली जाने का रास्ता साफ हो गया है। जबकि, चार अफसर दिल्ली जाने के इंतजार कर रहे हैं।
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इन्हें भी प्रदेश सरकार की ओर से कभी भी ग्रीन सिग्नल दिया जा सकता है। डेपुटेशन पर जाने से हिमाचल में अफसरों के सामने टोटा खड़ा हो गया है। इससे राज्य के मंत्रियों के सामने संकट खड़ा हो गया है कि वे किससे काम ले।
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राज्य सचिवालय में सचिव और प्रधान सचिव स्तर के अधिकारियों की भारी कमी है। कुछ अफसर है भी तो उन पर मुकदमा चल रहा है, जिसके कारण राज्य सरकार उन्हें साइड लाइन की हुई है।
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उन्हें सरकार की ओर से महत्वपूर्ण महकमे नहीं दिए गए हैं। ऐसे में कुछ अफसरों के पास ही महत्वपूर्ण महकमों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
आने वाले समय में सामान्य प्रशासन, शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, खाद्य पूर्ति, निदेशक ऊर्जा, सलाहकार योजना आयोग सहित अन्य कई महकमों के लिए अधिकारियों की तैनाती करना बेहद मुश्किल होगा।
सूत्रों का कहना है कि जल्द ही उपमा चौधरी और विनीत चौधरी के दिल्ली जाने की फाइल को भी सरकार ग्रीन सिग्नल दे सकती है।
ये अफसर गए डेपुटेशन पर
सचिव आरडी नजीम, प्रधान सचिव अली रजा रिजवी
ये जाएंगे दिल्ली
सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव के संजय मूर्ति, डा.अमनदीप गर्ग
दिल्ली जाने को ये कर रहे इंतजार
सचिव मनीष गर्ग, प्रधान सचिव तरुण श्रीधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव उपमा चौधरी और विनीत चौधरी।
हिमाचल कैडर के तमाम अफसर दिल्ली जा चुके हैं। कई अफसर दिल्ली जाने की तैयारी में है। ऐसे में सवाल यह है कि अब किन अफसरों को विभागों का सचिव या प्रधान सचिव बनवाया जाए।
--जीएस बाली, परिवहन मंत्री