केसीसी बैंक में पांच ‘नीरव मोदी’, 120 करोड़ का चूना लगाया
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कांगड़ा केंद्रीय सहकारी (केसीसी) बैंक में भी पांच ‘नीरव मोदी’ हैं, जिन्होंने बैंक को 120 करोड़ का चूना लगाया है। 559 करोड़ रुपये के नॉन परफारर्मिंग असेट्स (एनपीए) में 20 फीसदी इन्हीं की देन है। अंब की एक फर्म ने 68 करोड़ का लोन लिया लेकिन वर्ष 2015 से किस्त नहीं चुकाई।
पालमपुर के एक होटलियर ने 28 करोड़ कर्ज लिया लेकिन वर्ष 2016 से पैसा लौटाना बंद कर दिया। धर्मशाला के पास सिद्धबाड़ी का एक होटलियर पिछले पांच साल से 10 करोड़ रुपये का लोन नहीं चुका रहा। धर्मशाला के चड़ी की एक संस्था तीन साल से केसीसी बैंक का 3 करोड़ रुपये लोन वापस नहीं कर रही।
हमीरपुर की एक संस्था पिछले तीन वर्ष से केसीसी बैंक का 11 करोड़ रुपये का लोन दबाकर बैठी है। कांगड़ा जिला की योल, चड़ी, पालमपुर, ऊना जिला की एक और हमीरपुर की एक शाखा का एनपीए इन्हीं पांच डिफॉल्टरों ने बढ़ा रखा है। उधर, केसीसी बैंक के एमडी पीसी अकेला ने कहा कि कुछ ऋण बड़े हैं, जिनकी रिकवरी के लिए कड़े प्रयास किए जा रहे हैं।
पालमपुर और अंब शाखाओं में एनपीए 50 फीसदी से पार
केसीसी बैंक में एनपीए का खेल लंबे अरसे से चल रहा है। बैंक की पालमपुर और अंब शाखाओं का एनपीए तो 50 फीसदी को भी पार कर गया है।
मतलब बैंक ने यह मान लिया है कि इन शाखाओं की ओर से बांटे गए 50 फीसदी ऋण डूब सकते हैं। इसके अलावा बैंक की कई शाखाओं का एनपीए 25 फीसदी से ज्यादा है।