कांग्रेस राज में खुले पांच डिग्री कॉलेज बंद, नॉन फंक्शनल घोषित
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कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के अंतिम छह महीनों में प्रदेश में खुले 16 डिग्री कॉलेजों में से पांच को बंद कर दिया गया। काजा, नारग, ज्यूरी, पबावो और बसदेहड़ा कॉलेज में चालू सत्र में एक भी दाखिला न होने पर जयराम सरकार ने इन्हें नॉन फंक्शनल कॉलेज घोषित कर दिया है। यहां का स्टाफ अन्य कॉलेजों में शिफ्ट कर दिया गया है। कांग्रेस सरकार के समय 18 सितंबर 2017 को हुई कैबिनेट बैठक में जिला ऊना के बसदेहड़ा, लाहौल-स्पीति के काजा, जिला शिमला के ज्यूरी और पबावो और 27 सितंबर की कैबिनेट बैठक में जिला सिरमौर के नारग में डिग्री कॉलेज खोलने का फैसला लिया था।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही भाजपा सरकार ने बिना फिजिबिलिटी रिपोर्ट लिए ही इन कॉलेजों को खोलने का आरोप लगाते हुए समीक्षा करने का फैसला लिया था। कॉलेज बंद करने से लोगों में नाराजगी न हो, इसके चलते सरकार ने संबंधित विधायकों से इन कॉलेजों को बंद करने से पहले राय लेने का फैसला लिया।किसी भी विधायक ने सरकार को कॉलेज बंद करने की सलाह नहीं दी। ऐसे में सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2018-19 के दौरान होने वाले दाखिलों के बाद इन कॉलेजों की समीक्षा करवाई।
भलेई और तेलगा कॉलेज होंगे मर्ज
शिक्षा विभाग के अनुसार इस साल इन पांचोें कॉलेजों में से एक भी दाखिला नहीं हुआ। ऐसे में सरकार ने इन कॉलेजों को बंद कर दिया। जन आक्रोश से बचने के लिए सरकार ने हालांकि इन कॉलेजों को अभी डिनोटिफाई नहीं किया है।
भविष्य में इन क्षेत्रों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने पर कॉलेजों को दोबारा खोलने की संभावनाएं अभी रखी हैं। कांग्रेस सरकार ने पांच जून 2017 की कैबिनेट बैठक में चंबा जिले के भलेई और तेलगा में डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। भलेई में इनरोलमेंट 64 और तेलगा कॉलेज में इनरोलमेंट 69 है।
इनरोलमेंट कम होने के चलते जयराम सरकार ने इन दोनों कॉलेजों को मर्ज कर लचोड़ी में नया कॉलेज खोलने की तैयारी में है।इनरोलमेंट बढ़ने पर 16 डिग्री कॉलेजों में से नौ बंद नहीं होंगे।
इनमें से जिला कांगड़ा के देहरा, मटौर, जिला ऊना के हरोली, सोलन के जयनगर और दाड़लाघाट, सिरमौर के ददाहू, पछौता, रोनहाट और जिला मंडी का थाची कॉलेज है।