आखिर क्यों भावुक हो गया भारत का पहला मतदाता?
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जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम कल्पा प्रशांत देष्टा ने रविवार को श्याम सरन नेगी से मिलने उनके घर पहुंचे और उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना।
इस दौरान श्याम शरन नेगी ने भावुक होकर कहा कि अभी तो उनका आधार कार्ड भी नहीं बन पाया है। सहायक निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें कहा कि सोमवार को उनके लिए गाड़ी भेजी जाएगी और उनका आधार कार्ड बनाया जाएगा।
इस दौरान 97 साल के श्याम सरन नेगी ने युवाओं और खासकर महिलाओं से चुनाव में बढ़ चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया, ताकि एक अच्छे उम्मीदवार को चुन कर लोकसभा भेजा जाए।
जज्बा बरकरार, सात मई को वोट डालेंगे नेगी
नेगी ने कहा कि वे यह नहीं बोल रहे हैं कि लोग किस को वोट दें, लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि 7 मई को अपना बहुमूल्य समय निकाल कर वोट जरूर दें।
उन्होंने कहा कि वह खुद भी वोट डालने जाएंगे। पिछले कई साल से वह लगातार मतदान में हिस्सा लेते हैं। उन्होंने
दूसरे लोगों से भी अपील की है कि सभी वोट डालने जाएं।
जिला निर्वाचन सहायक अधिकारी एवं एसडीएम कल्पा प्रशांत देष्टा ने कहा कि हमें देश के पहले मतदाता श्याम सरन नेगी पर गर्व है कि वह 97 वर्ष की उम्र में भी मतदान के प्रति सजग और जागरूक हैं।
उन्होंने कहा कि जिला के सभी लोगों को इनसे प्रेरणा लेकर अधिक से अधिक संख्या में मतदान करना चाहिए।