यहां हुई देश की पहली सफल ओपन हार्ट सर्जरी
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आईजीएमसी के सीटीवीएस महकमे ने जटिल ओपन हार्ट सर्जरी कर देश भर में संस्थान का नाम ऊंचा किया है। देश का यह पहला ऑपरेशन मंगलवार को किया गया। सीटीवीएस (कार्डियोथ्रेसिक एंड वस्कुलर सर्जरी) की ओर से इसकी जानकारी बुधवार को दी गई। महिला मरीज की हालत खतरे से बाहर है और स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। महकमे की मानें तो विश्व भर में आज तक केवल दो सौ केस ही ऑपरेट हुए हैं। महिला मरीज की सफल सर्जरी करने का श्रेय विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रजनीश पठानिया और उनकी टीम को जाता है। 42 साल की कमला ठियोग की रहने वाली हैं।
महिला के यूट्रेस में ट्यूमर हुआ और वह ब्लड सप्लाई करने वाली नस से होता हुआ हार्ट तक पहुंच गया। इस वजह से वह हार्ट को ब्लॉक कर रहा था। यह केस डा. रजनीश और उनकी टीम के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। मंगलवार को महिला मरीज को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया। छह घंटे चले ऑपरेशन में सर्जन महिला मरीज के पेट और हार्ट से ट्यूमर निकालने में सफल रहे। यह करीब 20 सेंटीमीटर लंबा था।
जटिल सर्जरी हुई सफल
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रजनीश पठानिया ने कहा कि यह एक जटिल सर्जरी थी। विश्व भर में अब तक ऐसी 200 सर्जरी ही हुई हैं, जो ऑन रिकॉर्ड है।
सफल सर्जरी के लिए ऑपरेशन के दौरान मौजूद रहे सभी सर्जनों और पैरामेडिकल स्टाफ को बधाई देते हैं। ऑपरेशन में अगर सात से आठ माह देर कर दी जाती तो महिला मरीज की मौत हो सकती थी।
आपरेशन में ये रहे मौजूद- डा. रजनीश पठानिया, डा. अजय, डा. प्रवीण, डा. बीआर और डा. यशवंत। परफ्यूजनिस्ट अशोक टंडन और विजय के अलावा स्टाफ नर्सें मीना, आशा, रीना और ऊषा शामिल थीं।