अनिल अंबानी समेत छह कंपनियों के 50 निदेशकों पर कुल्लू में भी केस
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निजी भूमि पर बिजली की ट्रांसमिशन लाइन जबरन बिछाने के मामले में अनिल अंबानी समेत छह कंपनियों के 50 निदेशकों के खिलाफ कुल्लू जिले में भी एफआईआर दर्ज हो गई है। न्यायालय के आदेश पर की गई इस कार्रवाई से पूर्व इसी तरह के मामले में बिलासपुर जिले में वर्ष 2015 जबकि पिछले दिनों मंडी के गोहर थाने में भी इन्हीं सभी पर केस दर्ज किया जा चुका है।
कुल्लू में सैंज घाटी के 29 लोगों की जमीन पर जबरन बिजली के ट्रांसमिशन लाइन के टॉवर लगाने तथा ग्रामीणों के घरों के ऊपर से ट्रांसमिशन तारें बिछाने का आरोप है। भुंतर थाना में रिलायंस एनर्जी लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अंबानी सहित छह कंपनियों के 50 निदेशक मंडल पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रभावित लोगों की याचिका पर सुनवाई करते हुए अरविंद कुमार की अदालत के भुंतर थाना को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। सैंज घाटी के शुकारी, बराहरीधार, तलाड़ा, शहारण, बालटीसार, सोरा नाल, खइन, भलाण तथ बकसिहाल, छरौन, शलगा तथा कंडा आदि गांवों के प्रभावितों ने संयुक्त रूप से चार जुलाई 2019 को भुंतर थाना को शिकायत दी थी, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया।
लोगों का आरोप है कि कंपनियों ने उपरोक्त गांव के लोगों की जमीन में जबरन घुसकर बिजली के टॉवर लगा दिए और बाद में घरों के ऊपर से बिजली के तार बिछा दिए। इसके लिए हरे-भरे पेड़ों को भी काटा गया है। मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता रजनीश शर्मा ने बताया कि इसके लिए कंपनियों ने वन विभाग, उद्यान विभाग, राजस्व विभाग तथा कृषि विभाग से मंजूरी भी नहीं ली गई और न ही नुकसान का आकलन किया गया जो हिमाचल सरकारों के तय किए नियमों का उल्लंघन है।
एफआईआर में रिलाइंस एनर्जी मिलिटेड के चेयरमैन अनिल अंबानी समेत सात बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पार्वती कोलडैम ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (पीकेटीसीएल) के सात, केईएसी इंटरनेशनल कंपनी के दस, टाटा पावर के 11, ज्योति स्ट्रक्चर लिमिटेड के चार तथा कलपत्रू कंपनी के दस बोर्ड ऑफ डायरेक्टर नामजद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र रचने तथा पर्यावरण व वन संपदा को नुकसान पहुंचाने कई धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है। जिला कुल्लू के सैंज से पंजाब के लुधियाना तक करीब 303 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन बिछाई गई है। कुल्लू जिले के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों से होकर यह लाइन बिछाई गई है। प्रभावित ग्रामीणों को संबंधित कंपनियों की ओर से कोई भी मुआवजा नहीं दिया गया है।