अब कामगारों के बच्चों की शिक्षा में बाधक नहीं बनेगी पैसों की कमी
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अब श्रमिकों के होनहार बच्चों की शिक्षा में पैसों की कमी आड़े नहीं आएगी। बीओसीडब्लयू (बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स) योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता को दोगुना कर दिया गया है।
प्रदेश भर में हजारों श्रमिक भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्य के तहत पंजीकृत हैं। बीओसीडब्लयू योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाई गई हैं। इसी के तहत श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाई के दौरान शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता राशि प्रदान की जाती है।
इससे पूर्व ये वित्तीय सहायता प्रथम कक्षा में एक हजार रुपये से लेकर पीएचडी तक 15 हजार रुपये प्रदान की जाती थी। लेकिन, अब इस राशि को बढ़ाकर प्रथम कक्षा से दो हजार रुपये से लेकर पीएचडी तक 30 हजार कर दिया गया है। कामगारों के दो बच्चों को यह सुविधा मिलेगी।
किस कक्षा के लिए कितनी सहायता राशि
पहली कक्षा से पांचवीं तक दो हजार प्रति वर्ष , छठी से आठवीं तक 2400, नौवीं से दसवीं तक 3000 हजार, जमा एक व जमा दो कक्षा के लिए चार हजार, स्नातक कक्षाएं आर्ट्स विषय के लिए पांच हजार, बीएससी/बीकॉम /बीबीए के लिए छह हजार, स्नातकोत्तर में कला एवं वाणिज्य संकाय के लिए सात हजार, विज्ञान संकाय के लिए आठ हजार, डिप्लोमा पाठ्यक्रम अवधि के तहत एक वर्ष के
लिए पांच हजार, दो वर्ष के लिए छह हजार, तीन वर्ष के लिए आठ हजार, व्यावसायिक पाठ्यक्रम उपलब्धियों के लिए बीस हजार और पीएचडी/अनुसंधान पाठ्यक्रम के लिए 30 हजार रुपये तक की राशि प्रदान की जाएगी।
जिला श्रम अधिकारी चंबा आरके शर्मा ने बताया कि बीओसीडब्लयू योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के लिए प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता की राशि को बढ़ाया गया है।