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कुफरी जू में कैद ‘हनीप्रीत’ के दीदार को उमड़ रहे देशभर के सैलानी

Tue, 25 Feb 2020 12:52 PM IST
अरविन्द ठाकुर हरिकिशन वर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, कुफरी (शिमला)
हरिकिशन वर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, कुफरी (शिमला) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Tue, 25 Feb 2020 12:52 PM IST
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female leopard honeypreet in Kufri Zoo at shimla tourist point of attraction
- फोटो : अमर उजाला

कुफरी चिड़ियाघर में इन दिनों मादा तेंदुआ ‘हनीप्रीत’ के दीदार को बाहरी राज्यों से रोजाना काफी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। इसकी उम्र छह साल है। इसे 24 जुलाई 2017 को जू के पास वाले जंगल से रेस्क्यू किया गया था, तबसे यह सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई  है। उस दौरान हनीप्रीत ने लव और कुश नामक दो शावकों को जन्म दिया। मादा तेंदुआ के अत्यंत खूंखार स्वभाव के कारण चिड़ियाघर प्रबंधन ने लव और कुश को उससे अलग रखा।

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अढ़ाई वर्ष के लव को अलग पिंजरे में रखा, जबकि कुश को टूटीकंडी जू में स्थानांतरित किया गया है। लव को पास के ही अन्य बाड़े में नैना नामक तीन वर्षीय मादा तेंदुआ के साथ रखा गया है। एक अन्य 15 वर्ष के शेरू नामक नर तेंदुए को अलग पिंजरे में रखा गया है। शेरू को भी पास के ही जंगल में 14 साल पहले रेस्क्यू किया गया था, जब वह सिर्फ एक साल का शावक था।

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वन्य जीव अभयारण्य कर्मियों की ओर से हनीप्रीत के खानपान और सेहत का पूरा ख्याल रखा जाता है। डॉक्टर की सलाह के अनुरूप रोजाना साढ़े चार बजे करीब साढ़े तीन किलो मीट अथवा चिकन दिया जाता है। अन्य तेंदुओं को भी उम्र के हिसाब से मांस परोसा जाता है। वनमंडलाधिकारी वन क्षेत्र एवं वन्य जीव कुफरी शिमला राजेश शर्मा के मुताबिक समय-समय पर हनीप्रीत सहित सभी जीवों की स्वास्थ्य जांच यहां तैनात चिकित्सक करते हैं। 

डेरा सच्चा सौदा प्रकरण के बाद रेस्क्यू की थी मादा तेंदुआ 
हनीप्रीत के नामकरण को लेकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों में इस बारे में जानने की उत्सुकता रहती हैं। पिछले कई सालों से कुफरी चिड़ियाघर में जानवरों और पक्षियों की देखरेख करने वाली महिला कर्मी कांता देवी ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान एक वनकर्मी ने ही इसे हनीप्रीत नाम दिया है जो बाद में काफी प्रचलित हो गया। इसी दौरान देश के बहुचर्चित डेरा सच्चा सौदा मामले में हनीप्रीत सुर्खियों में थी। हालांकि, यह एक इत्तफाक था। लेकिन, अधिकतर लोग अभी भी मादा तेंदुआ के नाम को इसी घटना से जोड़कर देखते हैं। 

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