दिव्यांग बेटी को बचाने के लिए आग में कूद गया पिता, दोनों जिंदा जल गए
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मंडी के कशमैला में रसोई गैस सिलेंडर फटने से लगी आग में दिव्यांग बेटी और पिता जिंदा जल गए। दिव्यांग बेटी को बचाने के लिए पिता आग में कूद गया। हादसा वीरवार सुबह करीब पांच बजे हुआ।
पिता रसोई में चाय बना रहा था और पत्नी साथ लगते कमरे में पूजा कर रही थी। रसोई घर से ठीक ऊपर कमरे में इनकी दिव्यांग बेटी सोई थी। चाय बनाते समय सिलेंडर से गैस का रिसाव हो गया और आग फैल गई।
आग देख मेहर चंद (65) बाहर की ओर दौड़ा। इसी बीच मेहर चंद को ख्याल आया कि बेटी ममता ऊपर वाले कमरे में सोई है। बेटी को बचाने के लिए मेहर चंद कमरे की ओर भागा।
ऐसे पेश आया हादसा
अंदर जाकर मेहर बेटी को उठाकर बाहर आ ही रहा था कि सिलेंडर फट गया। पूरा मकान आग की चपेट में आ गया। मकान की दीवारें लकड़ी की थी। आग के कारण दीवारें छत का बोझ नहीं उठा सकीं।
एक दीवार पिता और बेटी पर भरभराकर गिर गई। इसके बाद इन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। दोनों जिंदा आग में जल गए। लोगों ने मौके पर पहुंचकर दोनों को बचाने की कोशिश की लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
नए घर में जाने से एक दिन पहले जिंदा जल गए बेटी-पिता
प्रशासन की तरफ से मृतकों के परिजनों को 30 हजार फौरी राहत दी गई है। अग्निकांड में मृतक के भाई कृष्ण कुमार का कमरा भी जल गया है। इसे दस हजार फौरी राहत दी गई है।
मृतक मेहर सिंह ने अपनी जिंदगी भर की पूंजी से चैलचौक में नया मकान बनाया था। इसमें उसके बेटे ने भी मदद की थी। शुक्रवार को परिवार के साथ नए मकान में शिफ्ट होना था। इसी दौरान वीरवार सुबह हादसा हो गया। मेहर सिंह बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त हुए थे।