गड़बड़झाला: हिमाचल में पंचायतों ने लैप्स कर दिए करोड़ों रुपये
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हिमाचल की पंचायतों ने सरकारी अनुदान के तहत मिले करोड़ों रुपये लैप्स कर दिए। इससे आम लोगों को नुकसान हुआ। यानी उनके क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं हो सके। यह खुलासा स्थानीय लेखा विभाग की आडिट रिपोर्ट से हुआ है।
इन पंचायतों को चेतावनी दी गई है कि या तो सक्षम अधिकारी से इसके खर्च की अवधि को बढ़ाया जाए या फिर इस राशि को संबंधित संस्था के सामने सरेंडर किया जाए। यह खुलासा हिमाचल सरकार के स्थानीय लेखा विभाग की रिपोर्ट में हुआ है। यह लेखा परीक्षा रिपोर्ट वर्ष 2015 से 2018 के बीच की है।
जिला बिलासपुर के विकास खंड नयना देवी की पंचायत खरकड़ी ने 31 मार्च 2018 तक प्राप्त अनुदानों में से 29 लाख 36 हजार 328 रुपये की धनराशि खर्च नहीं की। इसे विभिन्न विकास कार्यों में खर्च किया जाना था।
विकास खंड झंडूता की पंचायत कुलज्यार ने 31 मार्च 2018 तक अनुदान में हासिल राशियों में से 34 लाख 21 हजार 25 रुपये का उपयोग नहीं किया। इससे विभिन्न सरकारी योजनाओं से ग्रामीण लाभ से वंचित रहे।
इसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत मलराओं ने 12.57 लाख रुपये के अनुदान को खर्च नहीं किया। विकास खंड नयना देवी की ग्राम पंचायत तनबौल में 22 लाख 44 हजार 449 रुपये की धनराशि को खर्च नहीं किया जा सका।
इसी विकास खंड की पंचायत तरवाड़ में 20.82 लाख रुपये की धनराशि बिना खर्च के रही। जिला चंबा के विकास खंड भटियात की पंचायत छलाड़ा में 7.78 लाख रुपये के अनुदान का उपयोग नहीं किया गया। भरमौर की पंचायत चन्हौता ने 22.78 लाख के अनुदान को व्यय ही नहीं किया।
इसी ब्लॉक की पंचायत दुर्गेठी ने 14.96 लाख रुपये खर्च नहीं किए। विकास खंड भटियात की पंचायत गाहर ने 14.27 लाख रुपये नहीं खर्चे। भरमौर की ही संचुई ने 21.52 लाख रुपये व्यय नहीं किए।
ग्राम पंचायत टिक्करी ने 10.92 लाख रुपये नहीं खर्च किए। विकास खंड तीसा की ग्राम पंचायत सपरोठ ने 9.27 लाख रुपये खर्च नहीं किए। ग्राम पंचायत टिक्करीगढ़ ने 36.17 लाख रुपये का उपयोग नहीं किया।