युवाओं की प्रतिभा तराशेंगे ये मशहूर कहानीकार, सिखाएंगे अभिनय की बारीकियां
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मशहूर कहानीकार ने प्रदेश के युवाओं में छिपी प्रतिभा को तराशने का बीड़ा उठाया है। वह अप्रैल में किहार सेक्टर के संघणी या प्रियुंगल में 15 दिवसीय कार्यशाला लगाएंगे। इसमें युवाओं को प्रशिक्षक राजीव रंजन रॉक अभिनय के गुर सिखाएंगे।
इसके बाद गेयटी थियेटर शिमला में ‘लंगेरा का राजा’ नामक शो किया जाएगा। इसकी सफलता के बाद दिल्ली सहित देश के अन्य प्रदेशों में भी ऐसे शो करवाने पर विचार किया जाएगा।
कार्यशाला में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को सागर झा इसी क्षेत्र में मई-जून माह में होने वाली फिल्म की शूटिंग में अभिनय का मौका देंगे। इसके उपरांत गेयटी थियेटर शिमला में हिमाचली लोक संस्कृति पर आधारित लंगेरा का राजा शो प्रदर्शित किया जाएगा।
मशहूर कहानीकार सागर झा की इस पहल से प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। साथ ही क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
मैलोरंग रंगमंडल की ओर से प्रशिक्षित एवं दिल्ली सरकार के स्कूल में बतौर अभिनय प्रशिक्षक कार्य कर रहे राजीव रंजन झा रॉक इस अभिनय कार्यशाला का संचालन करेंगे। इसमें नाटक लंगेरा का राजा तैयार किया जाएगा। कार्यशाला के कोऑर्डिनेटर राहुल चंदेल होंगे।
आधा दर्जन फिल्मों के लिए कहानी लिख चुके हैं सागर
मशहूर कहानीकार सागर झा ने बताया कि हिमाचल में प्रतिभा की कमी नहीं है। बताया कि अप्रैल में संघणी या प्रियुंगल में एक कार्यशाला लगाई जाएगी। इसमें अभिनय प्रशिक्षक राजीव रंजन रॉक इच्छुक कलाकारों को अभिनय की बारीकियां सिखाएंगे।
कार्यशाला के लिए फॉर्म निशुल्क उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान बेहतरीन अदाकारों को उनकी फिल्म में अभिनय करने का मौका मिलेगा। इसके बाद गेयटी थियेटर शिमला में एक शो करवाया जाएगा। शो की सफलता के बाद भारत सरकार को एक भेजकर दिल्ली सहित देश के दूसरे राज्यों में भी ऐसे शो करने की अनुमति मांगी जाएगी।
कहानीकार सागर झा अब तक आधा दर्जन फिल्मों की स्क्रिप्ट लिख चुके हैं। सागर झा की ओर से हिंदी फिल्म मुरारी द जेंटलमैन, माई फादर इकबाल, राष्ट्रीय राइफल, लौ की स्क्रिप्ट लिखी गई है।
वर्तमान समय में सागर ने किहार सेक्टर के अधीन आने वाले क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता की गोद में पहुंच कर मधुबनी फिल्म की कहानी लिखी है। मई और जून में क्षेत्र में शिलाजीत हिंदी फिल्म की शूटिंग होगी। इसकी कहानी भी सागर झा ने ही लिखी है।