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एक जगह नहीं, देश भर में बंटीं फर्जी डिग्रियां, दोनों संस्थान सील

Thu, 12 Mar 2020 11:17 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, सोलन
अमर उजाला नेटवर्क, सोलन Published by: Krishan Singh Updated Thu, 12 Mar 2020 11:17 AM IST
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fake degrees distributed across the country, both institutions sealed
रिकॉर्ड कब्जे में लेती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

परत दर परत खुल रहे फर्जी डिग्री मामले में अरबों रुपये के गोलमाल का खुलासा हुआ है। अब तक पुलिस के हाथ लगे सुराग में लाखों डिग्रियां फर्जी तरीके से बांटने की बात सामने आई है। यह डिग्रियां किसी एक जगह नहीं, बल्कि पूरे भारत में बांटी गई हैं। इनसे राजकुमार राणा ने अरबों रुपये बनाए हैं। राजकुमार मानव भारती और राजस्थान की माधव विवि के मालिक हैं।

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दोनों विश्वविद्यालयों पर डिग्रियों के फर्जीवाड़े का आरोप है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों विश्वविद्यालयों से हजारों अन्य छोटे-छोटे संस्थानों ने मान्यता ली है। दो कमरों में चल रहे इन संस्थानों के माध्यम से देश और प्रदेश के कोने-कोने में विभिन्न कोर्स करवाए जा रहे थे। इनके एवज में मोटी रकम ली जाती थी। इस रकम का बड़ा हिस्सा मानव भारती को मिलता था।
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अब पुलिस उन संस्थानों की जांच कर रही है, जिन्होंने मानव भारती विवि से मान्यता लेकर युवाओं को शिक्षित करने की जगह प्रमाणपत्र बेच दिए हैं। मानव भारती के इस रैकेट का खुलासा होने के बाद उन छात्रों का भविष्य पर भी संकट मंडरा रहा है, जिन्होंने विश्वविद्यालय में आगामी सत्र के लिए दाखिला लिया है या नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे हैं। 

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जल्द पूरी कर ली जाएगी जांच : एसपी

fake degrees distributed across the country, both institutions sealed
रिकॉर्ड कब्जे में लेती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

 विवि सील हो चुका है और आगे की पढ़ाई होगी या नहीं यह तय नहीं है। फिलहाल, विवि में इस समय दो हजार छात्रों के नियमित रूप से दाखिल होने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने यह रिकॉर्ड जब्त कर जांच शुरू कर दी है। विवि के हॉस्टल, कैंपस व मेस से दो हजार छात्रों के नियमित तौर पर पढ़ाई करने का रिकॉर्ड जांचा जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने कहा कि डिग्री के फर्जीवाड़े में आंकड़े का खुलासा नहीं किया जा सकता है। यह संख्या काफी ज्यादा है और जांच चल रही है। जांच पूरी हो जाने के बाद ही संख्या बताई जा सकती है। विश्वविद्यालय के अलावा ऐसे कई संस्थान हैं, जिन्होंने आगे मान्यता ली है। पुलिस उनकी भी जांच कर रही है। मानव भारती विवि प्रबंधन के खिलाफ लगे आरोपों की जांच जल्द पूरी कर ली जाएगी।

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