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फर्जी डिग्री मामला: मां व बेटे की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू, दोनों घोषित हैं भगोड़ा आर्थिक अपराधी
Wed, 07 Jan 2026 06:00 AM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 07 Jan 2026 06:00 AM IST
सार
ईडी ने सोलन के मानव भारती विश्वविद्यालय के दो प्रमोटरों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ईडी की विशेष अदालत ने दोनों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है। पढ़ें पूरी खबर...
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ईडी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बहुचर्चित फर्जी डिग्री मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोलन के मानव भारती विश्वविद्यालय के दो प्रमोटरों मंदीप राणा और उसकी मां अशोनी कंवर की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ईडी की विशेष अदालत ने दोनों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है, जिसके बाद ईडी अब इनकी संपत्ति जब्त कर रही है।
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विशेष न्यायालय में आवेदन दाखिल कर ईडी ने संपत्ति जब्त करने के लिए आदेश हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ईडी की अचल संपत्तियों में उदयपुर (राजस्थान) स्थित रियल एस्टेट संपत्ति, मामले से जुड़े तीसरे व्यक्ति जगमत सिंह के बैंक खाते में किए गए 93 लाख के भुगतान, मानव भारती चैरिटेबल ट्रस्ट / विश्वविद्यालय से प्राप्त धन को जब्त किया जाएगा। इस मामले में ईडी ने 3 एजेंटों की 1.74 करोड़ रुपये की 7 संपत्तियां पहले ही अटैच कर ली हैं।
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ईडी के अनुसार दोनों आरोपी फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में हैं और भारत में चल रही जांच व अदालती प्रक्रिया से बच रहे हैं। ईडी ने मामले में दिसंबर 2022 में मुख्य आरोपी राज कुमार राणा सहित 15 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। जनवरी 2023 में विशेष अदालत ने संज्ञान लेते हुए अशोनी कंवर और मंदीप राणा को समन जारी किए थे, लेकिन वे कोर्ट में पेश नहीं हुए।
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यह है मामला.........
ईडी की जांच में सामने आया है कि मानव भारती विवि के जरिये बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्रियां जारी की गईं और इससे करीब 387 करोड़ का घोटाला कर अवैध कमाई की गई। इसी रकम को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिये ठिकाने लगाने का आरोप है। अदालत की ओर से भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने के बाद अब आरोपियों की देश-विदेश में करीब 200 करोड़ की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।