गर्मी के साथ आई फ्लू की दस्तक, ये सावधानियां बरतें
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गर्मियों के मौसम में कई बीमारियां भी लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। आईजीएमसी में इन दिनों आई फ्लू के मामले पहुंच रहे हैं। इस तरह की बीमारियों का मुख्य कारण संक्रमण है। संक्रमण के कारण होने वाली बीमारियों में एक आम बीमारी है कंजक्टिवाइटिस यानी आई फ्लू।
इस रोग में मरीज की आंखें लाल हो जाती हैं, आंखों से पानी बहने लगता है और आंखों में खुजली हो जाती है। प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में इस रोग के मरीज पहुंच रहे हैं। ओपीडी में रोजाना पांच से सात मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं।
यह नेत्र रोग ज्यादातर धूल भरे मौसम, बरसात और गर्म मौसम में फैलते हैं। हालांकि यह ज्यादा खतरनाक बीमारी नहीं है, लेकिन आंखों में होने के कारण मरीजों के लिए काफी कष्टदायक होती है। यह एक संक्रामक रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे में बहुत तेजी से फैलता हैं।
बीमारी की चपेट में सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे होते हैं। इस दौरान बच्चों के टावल, रुमाल सहित अन्य चीजों को अलग रखना चाहिए। आईजीएमसी नेत्र रोग के विशेषज्ञ एसोसिएट प्रोफेसर डा. विनोद शर्मा ने बताया कि यह रोग होने पर बच्चों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लाना चाहिए।रोग की चपेट में आने वाले बच्चों को कुछ दिनों तक स्कूल से छुट्टी करवानी चाहिए।
ये हैं वायरल कंजक्टिवाइटिस के लक्षण
- आंख का लाल होना
- पानी का बहना
- आंखों में सूजन
- प्रकाश में संवेदनशीलता
एलर्जी कंजक्टिवाइटिस
- आंखों में अधिक खुजली होना
- अत्यधिक पानी का बहना
- पलकों पर पपड़ी आना
यह भी एक कारण
- आई फ्लू आर्द्रता भरे मौसम की सामान्य बीमारी है।
- आई फ्लू फैलाने वाले वायरस तेजी से फैलते हैं।
- आई फ्लू में आंखें गुलाबी और सूज जाती हैं।
उपचार
नेत्र रोग विशेषज्ञ का कहना है कि आमतौर पर यह बीमारी कुछ दिनों में ठीक हो जाती है लेकिन अगर ठीक न हो तो मरीज उपचार के लिए तुरंत अस्पताल आए। बीमारी को अनदेखा करने से यह बीमारी ज्यादा फैल सकती है। वहीं, चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों को पूरी तरह आराम करवाएं ताकि वह जल्दी स्वस्थ हो सकें।