बारिश से तबाही जारी, पुल बहा, तीन की मौत
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हिमाचल में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश से जानमाल का नुकसान बढ़ता जा रहा है। मंडी के धर्मपुर के कांढापत्तन के पास रविवार दोपहर बाद एक जीप पर पत्थर गिरने से चालक की मौत हो गई जबकि पंडोह के पास पत्थर गिरने से बस में सवार चालक समेत सात लोग घायल हो गए हैं। ऊना की अंब खड्ड में एक व्यक्ति के बहने और बिलासपुर के सोलग में तालाब में डूबने से एक छात्र की मौत हो गई।
प्रदेश में दो दिनों छह की मौत हो चुकी है जबकि दो लोग लापता है। उधर, मंडी के धर्मपुर के तनहेड़ में मलबे में दबे दो लोगों में से एक बचन सिंह (75) का शव मिल गया है। जबकि महिला को अभी नहीं निकाला जा सका है। दो अन्य लापता का भी सुराग नहीं है। धर्मपुर बाजार और बस स्टैंड में तबाही का मंजर साफ देखा जा सकता है।
नेशनल हाईवे पर बना अस्थायी पुल बहा
दुकानदार पानी निकालने में लगे हुए हैं। जिला प्रशासन 18 जेसीबी लगाकर मलबा हटाने में लगा है। कुदरत के कहर से धर्मपुर क्षेत्र में अभी तक हालत सामान्य नहीं हैं। जिला प्रशासन ने साढ़े ग्यारह लाख रुपये की फौरी राहत राशि बांटी है। 90 प्रतिशत क्षेत्र में बिजली और 60 प्रतिशत क्षेत्र में पानी की आपूर्ति बहाल की है।
25 परिवारों को रसोई गैस, बर्तन और तिरपाल मुहैया करवाए गए हैं। प्रदेश की अधिकतर नदियां ब्यास, सतलुज, रावी और पार्वती उफान पर हैं। रविवार सुबह 11 बजे ब्यास नदी का जलस्तर 1380 फीट से अधिक होने पर पौंग बांध के सभी छह गेट खोलकर लगभग तीस हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया। उधर, ऊना के नंदपुर के समीप चंडीगढ़-धर्मशाला नेशनल हाईवे पर बना अस्थायी पुल बह गया है।
55 से ज्यादा घर और 77 गौशालाएं तबाह
सैकड़ों वाहन जाम में फंस रहे। बाद में वाहनों को अंब से पंजोआ वाया टकारला होकर ऊना भेजा गया। बारिश और भूस्खलन से प्रदेश भर की 150 से ज्यादा सड़कें बाधित हैं। प्रदेश भर में परिवहन निगम की 40 बसें फंसी हुई हैं। कई रूट ठप रहे। लोक निर्माण विभाग ने फील्ड स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। हर डिवीजन में 5 जेसीबी और डोजर सड़क बहाली में लगाए हैं। निजी जेसीबी भी हायर की गई हैं।
प्रदेश में पिछले तीन दिनों में ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी में 55 से ज्यादा घर और 77 गौशालाएं ढह गई हैं। रविवार को बिलासपुर में तीन घर और एक गौशाला जबकि नादौन में एक रिहायशी मकान गिर गया है। बरसात में सरकारी विभागों को अब तक 550 करोड़ से अधिक नुकसान का अनुमान है।
कहां-कितनी बारिश
मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी- मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह के अनुसार सोमवार को प्रदेश के कुछ मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है। 15 अगस्त तक प्रदेश के अधिक क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं।
बंगाणा में 150 मिलीमीटर, अंब में 123, ऊना में 96, गगल में 73, बिलासपुर में 40, कोटखाई में 30, सुंदरनगर में 23, धर्मशाला में 15 और शिमला में 12.9 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
नरेश शर्मा, इंजीनियर इन चीफ, लोनिवि ने बताया कि सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। रविवार को भी कर्मचारी सड़कें बहाल करने में जुटे रहे। सोमवार तक मौसम साफ रहता है तो अधिकांश सड़कें बहाल कर दी जाएंगी।
वाट्स ऐप ग्रुप पल-पल की जानकारी
-उपायुक्त ऊना ने अधीनस्थ अधिकारियों का वाट्स ऐप ग्रुप बनाया है जो आपदा के दौरान पल-पल की जानकारी अपडेट करेंगे और तुरंत रिलीफ पहुंचाएंगे
-परिवहन मंत्री जीएस बाली ने एचआरटीसी चालकों, परिचालकों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अगर सड़क खराब है तो बस को बिना जोखिम लिए सड़क किनारे खड़ी करने को कहा गया है। लंबे रूट पर चलने वाले बस चालकों को लगातार सूचना लेने को कहा है।
-बारिश से ठियोग-हाटकोटी सड़क दलदल में बदल गई है। यहां सेब से लदे ट्रक फंसे हुए हैं। बागवानों को सेब मंडियों तक पहुंचाने में दिक्कत हो रही है।
-बिलासपुर के बरठीं में कार और बाइक भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हुए हैं।