{"_id":"728051a9543cb9cae50fceaf7ef72fd8","slug":"expirey-date-medicine-in-ddu-shimla-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खराब होने वाली दवा मुफ्त देकर पीठ थपथपा रही सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खराब होने वाली दवा मुफ्त देकर पीठ थपथपा रही सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 11 Feb 2016 11:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी शिमला के डीडीयू (रिपन) अस्पताल में मरीजों को खराब होने वाली दवाएं मुफ्त में बांटी जा रही है। अस्पताल की डिस्पेंसरी में मरीजों को एक्सपायरी डेट के महीने की दवाएं अस्पताल प्रशासन दे रहा है।
विज्ञापन
डिस्पेंसरी से दी जा रही दवाओं की एक्सपायरी डेट फरवरी, मार्च और अप्रैल महीने की है। अस्पताल प्रशासन की इस बेखबरी से मुफ्त दवाओं की सरकारी खरीद पर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल दीनदयाल उपाध्याय (रिपन) के पांच नंबर कमरे में डिस्पेंसरी खोली गई है।
विज्ञापन
डाक्टरों द्वारा लिखी जाने वाले कई दवाएं इस डिस्पेंसरी से मुफ्त में दी जा रही है। डिस्पेंसरी से पूछताछ करने पर मालूम हुआ कि अस्पताल प्रशासन की अनुमति पर यह दवाएं खरीदी जाती हैं। डाक्टरों के पर्ची पर दवा लिखने के बाद डिस्पेंसरी से दवा दी जाती है।
विज्ञापन
बुधवार को अमर उजाला ने मौके पर देखा कि पैरासिटामौल की दवा में एक्सपायरी डेट अप्रैल 2016 लिखी गई है। जबकि लैसीपरो 500 दवा में एक्सपायरी डेट फरवरी 2016 लिखी गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि अस्पताल प्रशासन की ऐसी कौन सी मजबूरी है कि जिसके तहत खराब होने वाली दवाओं को बांटा जा रहा है।
हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि फरवरी एक्सपायरी डेट की दवा अभी एक्सपायर नहीं हुई है। मार्च में इसे एक्सपायर माना जाएगा। स्वास्थ्य निदेशक डा. डी एस गुरंग ने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी। सभी सीएमओ को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि एक साल की लाइफ वाली दवाओं की ही खरीद की जाए। डीडीयू में अगर ऐसा हो रहा है तो यह गंभीर मामला है।