विशेषज्ञ की राय: हिमाचल में राज्यसभा चुनाव नतीजों के बाद ताजा घटनाक्रम ला सकता है राजनीतिक अस्थिरता
विधानसभा में मंगलवार को राज्यसभा सदस्य के लिए हुए मतदान और कांग्रेस की ओर से क्राॅस वोटिंग से प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बन सकता है। इससे कांग्रेस पार्टी और सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को राज्यसभा सदस्य के लिए हुए मतदान और कांग्रेस की ओर से क्राॅस वोटिंग से प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बन सकता है। इससे कांग्रेस पार्टी और सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पार्टी और प्रदेश सरकार के बीच तालमेल की जगजाहिर हुई स्थिति के मद्देनजर यह राजनीतिक ड्रामा आने वाले दिनों में सुक्खू सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकता है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर और राजनीतिक विश्लेषक प्रो. रमेश के. चौहान मानते हैं कि इससे प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति बन सकती है। 29 फरवरी को सुक्खू सरकार को वित्त विधेयक बजट को पारित करने के लिए कांग्रेसी विधायकों के बहुमत की आवश्यकता रहेगी।
इसके लिए न्यूनतम 35 विधायकों की आवश्यकता रहेगी। राज्यसभा सदस्य के चुनाव में क्राॅस वोटिंग के बाद विपक्षी दल भाजपा सदन में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकती है। ऐसे में कांग्रेस की सरकार को सदन में बहुमत साबित करना पड़ सकता है। बहुमत साबित होने पर ही वित्त विधेयक पारित हो पाएगाा। यही नहीं, क्रॉस वोटिंग, विधायकों की नाराजगी की बात से प्रदेश की कांग्रेस सरकार को लाेकसभा चुनाव में मुश्किलें आ सकती हैं। प्रो. चौहान का मानना है कि प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल गठन के समय से लेकर शुरू हुई नाराजगी से यह हालात उत्पन्न हुए हैं। इन मौजूदा हालातों को नियंत्रित करना, पार्टी और सरकार में तालमेल बनाना आने वाले दिनों में किसी चुनौती से कम नहीं होगा।