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नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े पर पूर्व डीजी ने तोड़ी चुप्पी

Thu, 29 Oct 2015 12:02 AM IST
Updated Thu, 29 Oct 2015 12:02 AM IST
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ex dgp ds minhas statement on una nursing college forge case.

हिमाचल के ऊना में लोअर बसाल स्थित एलबेट नर्सिंग संस्थान के ट्रस्टी एवं प्रदेश के पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास ने चुप्पी तोड़ते हुए संस्थान के दस्तावेजों पर स्पष्टीकरण दिया है। बुधवार को प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि उनके बेटे की ओर से संचालित नर्सिंग संस्थान मान्यता प्राप्त है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने बाकायदा संस्थान को नर्सिंग का बैच बैठाने को अनुमति दी।

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इस आधार पर संस्थान ने एचपीयू को आवेदन किया। इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने उन्हें 2012-13 तथा 2013-14 सत्र के लिए 40-40 सीटों के लिए अनुमति दी। इसके बाद आईएनसी ने 2014-15 के लिए संस्थान को प्रोविजनल अनुमति दी, लेकिन काउंसिल ने खुद की ओर से जारी पत्र को ही फर्जी करार दिया और तीन-दो के मत से इस अनुमति को वापस ले लिया। इसको लेकर संस्थान पहले से हाईकोर्ट में मुकदमा लड़ रहा है।
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पुलिस के साथ मिलकर राजनीतिक साजिश

ex dgp ds minhas statement on una nursing college forge case.

यह कार्रवाई राजनीतिक साजिश के तहत हुई है। पूर्व डीजीपी के पुत्र अमिल मन्हास ने कहा कि ऐसे मामलों में पहले दस्तावेजों की जांच होती है, उसके बाद एफआईआर दर्ज होती है। जिस तरह से पुलिस ने जल्दबाजी दिखाई, उससे राजनीतिक षड्यंत्र की बू आ रही है। कहा कि उनके पास पूरे दस्तावेज हैं। यह कोई रॉकेट साइंस नहीं कि इसमें रातों-रात दस्तावेज बदल जाएं। वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।

लोग डरकर नहीं जाते ब्यास डेरे में : मन्हास
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से पिछले दिनों ऊना में पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास पर की गई टिप्पणी पर पूछे गए सवाल पर मन्हास ने कहा कि ब्यास डेरा एक आध्यात्मिक संस्थान है। वहां लोग किसी डर से नहीं जाते, बल्कि आस्था और विश्वास से जाते हैं। वह संस्थान से पिछले 29 साल से जुड़े हैं।

कहा कि अपने 29 साल के कैरियर में उन्होंने एक प्रोफेशनल और ईमानदार पुलिस अफसर के तौर पर काम किया है। किसी अधिकारी की कार्यप्रणाली पर राजनेता क्या सोचते हैं। यह उनकी व्यक्तिगत सोच हो सकती है।

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