मधुमेह रोग को लेकर बड़ा खुलासा, हिमाचल में होगी रिसर्च
- पीजीआई के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल बंसाली ने किया खुलासा
- भौगोलिक परिस्थितियों को रखा जाएगा ध्यान में, सही आंकड़ा भी जुटाएंगे
- कहा, वर्ष 2025 तक मधुमेह रोगियों की संख्या पहुंच सकती पंद्रह करोड़ तक
- आईजीएमसी शिमला में डॉक्टरों की दो दिवसीय कांफ्रेंस में हुई चर्चा
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गलत खानपान ने देश के हर छठे व्यक्ति को डायबिटीज का मरीज बना दिया है। बर्गर-पिज्जा आदि जंक फूड से यह रोग तेजी से फैल रहा है। पहाड़ी राज्य हिमाचल में अब मधुमेह के कारणों पर रिसर्च होगी। सूबे की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इससे कैसे बचा जाए, इस पर भी विशेषज्ञ शोध करेंगे।
हिमाचल में डायबिटीज के रोगियों का सही आंकड़ा भी जुटाया जाएगा। मधुमेह के रोगियों के लगातार बढ़ रहे आंकड़े से चिंतित विशेषज्ञों की आईजीएमसी शिमला में दो दिवसीय कांफ्रेंस में इस पर चर्चा हुई। पीजीआई चंडीगढ़ के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ.
अनिल बंसाली ने बताया कि चंडीगढ़ की तर्ज पर अब हिमाचल में भी मधुमेह पर रिसर्च होगी। उन्होंने आशंका जताई कि वर्ष 2025 तक मधुमेह रोग की गिरफ्त में करीब पंद्रह करोड़ लोग आ जाएंगे। वर्तमान में छह करोड़ लोग डायबिटीज की चपेट में हैं। मधुमेह रोग के उपचार के लिए इंसुलिन ही एकमात्र टीका है।
तेजी से फैल रहा डायबिटीक फुट रोग- बंसाली ने बताया कि डायबिटीक फुट (पैर) रोग तेजी से फैल रहा है। इससे मरीज के पांव में करंट लगना, घाव बनना और पैर कटने जैसे लक्षण दिखते हैं। ऐसे लोगों को सही माप के जूते पहनने चाहिए और नाड़ी की समय रहते जांच करवानी चाहिए। मधुमेह रोगी को हार्टअटैक, अंधापन और गुर्दा खराब होने का खतरा होता है।
देश में दस फीसदी प्रेगनेंसी डायबिटीज
आरएसएसडीआई हिमाचल चैप्टर की कांफ्रेंस में डॉ. सुनील गुप्ता ने दस में से एक गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी डायबिटीज होने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि इसमें महिला के खाली पेट में शुगर की मात्रा 90 मिलीग्राम होनी चाहिए तो खाना खाने के बाद 120 एमएलजी शुगर होनी चाहिए।
प्रेगनेंसी डायबिटीज का गर्भावस्था के दौरान पता चल जाए तो इससे दो पीढ़ियों का बचाव होगा। इसके लिए बाकायदा महिला को 24 से 28 सप्ताह की डॉक्टरी जांच करवानी होगी। एक सर्वे के अनुसार नागपुर में आठ से दस प्रतिशत प्रेगनेंसी डायबिटीज महिलाएं हैं। पूरे देश भर का प्रेगनेंसी डायबिटीज (गेस्टेशनल डायबिटीज) का आंकड़ा दस फीसदी है।
कैसे करें बचाव
40 की उम्र पार करने के बाद ब्लड प्रेशर, वजन, कोलस्ट्रोल की जांच करवाएं
रोजाना चार किलोमीटर तक सैर करें
चीनी का प्रयोग प्रतिदिन पंद्रह ग्राम तक ही करें
दैनिक क्रिया में तीन फल और दो सब्जियां खाएं
सौ लोगों में ग्यारह नए मरीज
सर्वे के मुताबिक हिमाचल में चार हजार लोगों में सौ लोगों के पीछे ग्यारह नए मरीज मधुमेह रोग से ग्रस्त है। ओपीडी के आंकड़ों के मुताबिक एक हजार व्यक्ति के पीछे नॉन डायबिटीक के 37 मरीज हैं। - डॉ. जितेंद्र कुमार मोक्टा