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तलाई समिति में 33 करोड़ से ज्यादा के घोटाले में ईडी की जांच शुरू
Mon, 07 Sep 2020 10:35 AM IST
अरविन्द ठाकुर
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 07 Sep 2020 10:35 AM IST
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- फोटो : ANI
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बिलासपुर की तलाई सेवा सहकारी सभा समिति में 33 करोड़ से ज्यादा के घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय भी शामिल हो गया है। ईडी ने मामले में पंजीयक सहकारी सभाएं, जिला प्रशासन बिलासपुर और एसपी बिलासपुर से संपर्क कर घोटाले से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने घपले की रकम से करोड़ों की संपत्तियां बना ली हैं। ऐसे में अब दस्तावेजों के अध्ययन के आधार पर ईडी आगे की जांच कर संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई कर सकती है।
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पुलिस ने मार्च 2019 में ऑडिटर की शिकायत पर करीब 33 करोड़ से ज्यादा के इस घोटाले में एफआईआर दर्ज की थी। सभा के सचिव समेत तेरह लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जांच के दौरान पता चला कि सभा ने नियमों को ताक पर रख कर करोड़ों रुपये के ऋण अपने दायरे से बाहर के लोगों को बांट दिया। हालात ये हो गए थे कि लगभग 100 करोड़ से ज्यादा जमा पूंजी वाली सहकारी सभा का खजाना गलत ढंग से ऋण देने के कारण खाली हो गया।
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जब सभा के ही एक सदस्य ने आरटीआई लगाई तो पता चला कि सभा में लगभग 84 लाख रुपये का लोन सभा क्षेत्र में आने वाले सदस्यों ने लिया और 2008 में 82 लाख रुपये सरकार और विभाग की ओर से माफ कर दिया गया था। तत्कालीन सभा सचिव और सभा ने इसकी किसी भी व्यक्ति को भनक नहीं लगने दी और 82 लाख रुपये हड़प लिया।
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इसका लाभ किसी भी ऋणदाता को नहीं दिया गया। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन के एंगल से जांच शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि ईडी जल्द ही आरोपियों की संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई कर सकता है।