इन कब्जाधारकों को राहत दिलाने वाली है वीरभद्र सरकार
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वन भूमि पर कब्जे कर अवैध सेब बगीचे उगाने और अन्य अतिक्रमण करने वालों में से प्रदेश सरकार तीन कमजोर वर्ग विशेष के लोगों को राहत दिलाने की तैयारी में है। इसके लिए समाधान तलाशने को माथापच्ची शुरू हो गई है।
प्रदेश सरकार बीपीएल परिवारों, छोटे किसानों और पिछडे़ वर्गों को राहत दिलाने के लिए पॉलिसी बनाने की ओर बढ़ रही है ताकि हाईकोर्ट में इसका पक्ष रखा जा सके। मंगलवार को इस मसले पर गठित उच्चस्तरीय कमेटी की बैठक राज्य सचिवालय में हुई।
बता दें कि प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर सेब बगीचों और अन्य अतिक्रमण पर कार्रवाई हो रही है। विधानसभा के मानसून सत्र में प्रदेश सरकार ने छोटे अतिक्रमणकारियों 10 बीघा तक के कब्जों पर फिलहाल कार्रवाई न करने के लिए प्रदेश उच्च न्यायालय से अपील करने का संकल्प प्रस्ताव पारित किया।
पॉलिसी बनाने को गठित कमेटी की पहली बैठक हुई
इस प्रस्ताव में जब तक प्रदेश सरकार ऐसे छोटे एवं जरूरतमंद अतिक्रमणकारियों के लिए कोई पालिसी नहीं बना लेती, तब तक कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगाने के लिए संकल्प रखा गया। इसके लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया। मंगलवार को इसी कमेटी की पहली बैठक हुई। यह बैठक अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व एवं वन तरुण श्रीधर की अध्यक्षता में हुई।
इसमें विधि, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिवों के अलावा पीसीसीएफ और मंडलायुक्त भी शामिल हुए। बैठक में तीन श्रेणियों को राहत दिलाने का समाधान ढूंढने पर चर्चा हुई। ये श्रेणियां लघु-सीमांत किसान, भूमिहीन-गृहहीन लोग और समाज के निर्धन एवं पिछडे़ वर्ग शुमार बताए गए। इन सभी कमजोर वर्गों से जुडे़ आंकड़े एकत्र करने को कहा गया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व एवं वन तरुण श्रीधर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राज्य सरकार की ओर से पारित संकल्प प्रस्ताव के मुताबिक ही उच्चस्तरीय कमेटी की बैठक हुई है। इस बैठक में तीन कमजोर वर्गों को चिन्हित करने का फैसला हुआ है। जल्दी ही इनका डाटा जुटाया जाएगा।