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Shimla News: एचपीयू की स्वायत्तता बहाली की मांग पर कर्मचारियों का प्रदर्शन
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वीसी कार्यालय के बाहर जताया विरोध
विवि के अधिनियम में किए संशोधन को वापस लें
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला में विवि की स्वायत्तता बहाल करने की मांग को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।
गैर-शिक्षक कर्मचारियों ने प्रशासनिक भवन के बाहर प्रदर्शन किया, जबकि शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय के बाहर विरोध जताया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि संबंधित अधिनियम में किया गया संशोधन वापस लेने तक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। स्वायत्तता बचाओ संघर्ष मंच की अध्यक्षता में आयोजित गेट मीटिंग में नरेश कुमार शर्मा, चैत राम बंसल और सुरेश कुमार वर्मा ने कर्मचारियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय के अधिनियम में संशोधन किया है। कर्मचारियों की मांग है कि इस संशोधन को वापस लेकर विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बहाल की जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से गैर-शिक्षक कर्मचारियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को मुलाकात का समय देने की मांग की ताकि विवाद का स्थायी समाधान निकाला जा सके। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी और विद्यार्थी संयुक्त रूप से आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। गेट मीटिंग में 24 अक्तूबर को भी प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा 27 अक्तूबर से कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर विरोध जताएंगे और मांगों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। बैठक में प्रदेश सरकार की ओर से 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता घोषित किए जाने पर मुख्यमंत्री और सरकार का आभार भी जताया गया।
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विवि के अधिनियम में किए संशोधन को वापस लें
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला में विवि की स्वायत्तता बहाल करने की मांग को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।
गैर-शिक्षक कर्मचारियों ने प्रशासनिक भवन के बाहर प्रदर्शन किया, जबकि शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय के बाहर विरोध जताया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि संबंधित अधिनियम में किया गया संशोधन वापस लेने तक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। स्वायत्तता बचाओ संघर्ष मंच की अध्यक्षता में आयोजित गेट मीटिंग में नरेश कुमार शर्मा, चैत राम बंसल और सुरेश कुमार वर्मा ने कर्मचारियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय के अधिनियम में संशोधन किया है। कर्मचारियों की मांग है कि इस संशोधन को वापस लेकर विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बहाल की जाए।
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उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से गैर-शिक्षक कर्मचारियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को मुलाकात का समय देने की मांग की ताकि विवाद का स्थायी समाधान निकाला जा सके। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी और विद्यार्थी संयुक्त रूप से आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। गेट मीटिंग में 24 अक्तूबर को भी प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा 27 अक्तूबर से कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर विरोध जताएंगे और मांगों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। बैठक में प्रदेश सरकार की ओर से 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता घोषित किए जाने पर मुख्यमंत्री और सरकार का आभार भी जताया गया।
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