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हिमाचल में लोकसभा चुनाव के बाद लग सकता है बिजली का झटका

Sun, 03 Mar 2019 11:23 AM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: ashok chauhan Updated Sun, 03 Mar 2019 11:23 AM IST
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electricity rates may be increased in himachal after lok sabha election 2019

हिमाचल के साढ़े 19 लाख घरेलू उपभोक्ताओं और 30 हजार औद्योगिक घरानों को लोकसभा चुनाव के बाद बिजली का झटका लग सकता है। राज्य बिजली बोर्ड ने एक हजार करोड़ का घाटा दिखाते हुए अपना लेखा-जोखा ऑनलाइन कर दिया है।

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बिजली नियामक आयोग के पास भी बोर्ड ने रिव्यू पिटीशन दायर कर दी है। बोर्ड के इस प्रस्ताव पर अब नियामक आयोग जन सुनवाई करेगा। जन सुनवाई के बाद आने वाले सुझाव और आपत्तियों पर बोर्ड से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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संभावित है कि यह पूरी प्रक्रिया मई तक पूरी होगी। मई में देश में लोकसभा चुनाव चले होंगे। ऐसे में बिजली दरों का खुलासा नहीं होगा। प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नई दरें घोषित होंगी। हालांकि नई दरें पहली अप्रैल से लागू होंगी।

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विद्युत नियामक आयोग में रिव्यू पिटीशन दायर की

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साल 2018 में हुए 350 करोड़ रुपये और उससे पूर्व 650 करोड़ के घाटे का हवाला देते हुए बोर्ड ने विद्युत नियामक आयोग में रिव्यू पिटीशन दायर की है। बिजली बोर्ड ने खर्च बढ़ने, आय कम होने और बीते दो सालों से दरें नहीं बढ़ने की दुहाई देते हुए आर्थिक  स्थिति को खराब बताया।

बोर्ड का सालाना खर्च करीब 5600 करोड़ रुपये है। वर्तमान की बिजली दरों से बोर्ड को सालाना करीब 4500 करोड़ और पड़ोसी राज्यों को बिजली बेचकर 750 करोड़ रुपये की आय हो रही है।

ऐसे में साल 2018 के दौरान बिजली बोर्ड को करीब 350 करोड़ का घाटा हुआ है। आय के साधन कम होने और खर्च अधिक होने की बात बोर्ड ने नियामक आयोग से उठाई है।

नावी साल के चलते दरों में इजाफा नहीं हुआ

electricity rates may be increased in himachal after lok sabha election 2019
 हिमाचल में साल 2016 में घरेलू बिजली की दरें 3.5 फीसदी बढ़ाई गई थी। इससे पूर्व साल 2014-15 में भी बिजली दरें बढ़ाईं थीं। साल 2017-18 में चुनावी साल के चलते दरों में इजाफा नहीं हुआ।

2018-19 में लगातार दूसरे साल भी प्रदेश में घरेलू बिजली की दरें नहीं बढ़ीं। ऐसे में बोर्ड के खर्चे बढ़ते गए, लेकिन आय नहीं बढ़ी। हालांकि सरकार ने बीते दिनों बजट में घरेलू उपभोक्ताओें को सब्सिडी देने के लिए बोर्ड को 475 करोड़ का अनुदान दिया है।

अनुदान मिलने से घरेलू बिजली की दरें बढ़ने की संभावना कम है, लेकिन बोर्ड के सूत्रों के अनुसार बीते दो साल से दरें नहीं बढ़ने के चलते इस साल घरेलू दरों में मामूली की बढ़ोतरी हो सकती है।
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