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भड़के कर्मी, हिमाचल में हो सकता है ब्लैकआउट

Sun, 28 Feb 2016 10:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 28 Feb 2016 10:55 AM IST
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electricity employees union protest againest una case.

ऊना जिले के सासण हादसे में विद्युत बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज करने के विरोध में एकजुट हुईं विद्युत बोर्ड यूनियनों ने पूरे प्रदेश में ब्लैक आउट की चेतावनी दे डाली है। यूनियनों ने शनिवार को जिला मुख्यालय ऊना में रोष रैली भी निकाली।

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एक्शन कमेटी के चेयरमैन अमरजीत सिंह राणा की अगुवाई में निकाली गई रैली में सैकड़ों विद्युत कर्मियों ने पुलिस प्रशासन और मंदिर कमेटी के खिलाफ नारेबाजी कर अपना गुबार निकाला। यूनियनों ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि विद्युत कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ दर्ज झूठा केस वापस न लिया तो जिला सहित पूरे प्रदेश में ब्लैक आउट किया जाएगा।
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इस दौरान उन्होंने मंदिर कमेटी के खिलाफ केस दर्ज कर मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों को गिरफ्तार करने की मांग भी की। इसके बाद एसडीएम पृथीपाल के माध्यम से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को ज्ञापन भी भेजा। एचपीएसईबी इंप्लाइज यूनियन, डिप्लोमा इंजीनियर, जेई एसोसिएशन, टेक्निकल इंप्लाइज यूनियन, हिमाचल पावर एसोसिएशन, ड्राइवर एसोसिएशन और मिनिस्ट्रियल सर्विस एसोसिएशन ने यहां संयुक्त रूप से रोष रैली में भाग लिया।
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एचपीएसईबी इंप्लाइज यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा कि दो दिन के भीतर बिजली बोर्ड के खिलाफ दर्ज केस खारिज किया जाए। यदि प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो ऊना जिले में ब्लैक आउट किया जाएगा। इसके बाद पूरे प्रदेश में विद्युत आपूर्ति ठप कर दी जाएगी। इसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी।

खरवाड़ा ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में आकर बिजली बोर्ड के खिलाफ केस दर्ज किया है। जबकि, कायदे से मंदिर कमेटी के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए था। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई। खरवाड़ा ने कहा कि मंदिर में झंडे का 40 फीट ऊंचा पोल किसके इशारे पर लगाया गया, प्रशासन स्थिति स्पष्ट करे।

इतने ऊंचे पोल का विद्युत लाइन से टकराने का पहले से अंदेशा था। विद्युत बोर्ड कभी भी किसी मंदिर या किसी के घर के ऊपर से लाइन नहीं गुजारता। यदि पहले से गुजर रही विद्युत लाइन के नीचे कोई मकान या मंदिर बनाता है, तो उसकी जिम्मेदारी बिजली बोर्ड की नहीं होती। उन्होंने कहा कि हादसा होने की सूरत में पहले उसकी जांच होती है। इसके बाद ही केस रजिस्टर्ड होता है।


आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में गलत केस बनाया है, जिसे खारिज किया जाए। रोष प्रदर्शन में फील्ड एंड टेक्निकल एसोसिएशन से सुरेश शर्मा, जेई एसोसिएशन से सुशील धीमान, यशविंद्र वर्मा, देसराज शर्मा, सुरेंद्र मोहन शर्मा, अशोक परमार, शिव कुमार लाल, अशोक सैणी, रोशन लाल सैणी, पूर्ण चंद, मक्खन सिंह और सतपाल सिंह समेत भारी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे।

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