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Shimla News: प्रबंध निदेशक को हटाने की मांग को लेकर शिमला में रैली करेंगे बिजली कर्मचारी

Mon, 08 Jan 2024 06:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 08 Jan 2024 06:26 PM IST
सार

संयुक्त संघर्ष समिति ने सोमवार को छठे दिन भी भोजन अवकाश के दौरान प्रदेश भर के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। एक सप्ताह बाद बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला पहुंचे प्रबंध निदेशक के खिलाफ नाराज संघर्ष समिति ने जमकर नारेबाजी की। 

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electricity board Employees protest outside headquarters in shimla
बिजली बोर्ड मुख्यालय के बाहर गरजे कर्मचारी - फोटो : संवाद

विस्तार

बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और इंजीनियरों की संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रबंध निदेशक को हटाने की मांग को लेकर 11 जनवरी को राजधानी शिमला में बड़ी रैली करने का फैसला लिया है। समिति ने रैली के लिए प्रबंधन को रैली को लेकर नोटिस दे दिया है। संयुक्त संघर्ष समिति ने सोमवार को छठे दिन भी भोजन अवकाश के दौरान प्रदेश भर के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। एक सप्ताह बाद बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला पहुंचे प्रबंध निदेशक के खिलाफ नाराज संघर्ष समिति ने जमकर नारेबाजी की। संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से प्रबंध निदेशक को बदलने के साथ बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन बहाली जल्द करने की मांग की है।

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सोमवार को बिजली बोर्ड की संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक इंजीनियर लोकेश ठाकुर, सह संयोजक हीरा लाल वर्मा तथा पेंशनर्ज की ओर से वाईपी सूद और एलआर ठाकुर ने कुमार हाउस शिमा के बाहर कर्मचारियों को संबोधित किया। समिति के सह संयोजक हीरालाल वर्मा ने कहा कि प्रशासन द्वारा कर्मचारियों को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। इससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। अब प्रदेश भर में भोजन अवकाश के दौरान किए जा रहे प्रदर्शन को विराम देते हुए बड़े आंदोलन की ओर बढ़ने का फैसला लिया गया है।
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हीरालाल वर्मा ने बताया कि 11 जनवरी को ‘मार्च टू शिमला’ की कॉल दी गई है। इस दिन प्रदेश भर से बड़ी संख्या बिजली कर्मचारी, अभियंता और पेंशनर शिमला पहुंचेंगे। उन्होंने कहा वर्तमान प्रबंध निदेशक को अगर सरकार तुरंत नहीं हटाती तो आंदोलन को और तेज किया जएगा। संयुक्त संघर्ष समिति का आरोप है कि बिजली बोर्ड की परिस्थितियों को बिगाड़ने व पुरानी पेंशन बहाल न होने में वर्तमान प्रबंध निदेशक का सबसे बड़ा योगदान है। इन्हें तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए।

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