{"_id":"5f688a2f2dd30e05110b5493","slug":"electricity-and-diesel-pump-will-get-relief-solar-energy-will-irrigate","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली और डीजल पंप से मिलेगा छुटकारा, सौर ऊर्जा से होगी सिंचाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली और डीजल पंप से मिलेगा छुटकारा, सौर ऊर्जा से होगी सिंचाई
Mon, 21 Sep 2020 04:43 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 21 Sep 2020 04:43 PM IST
विज्ञापन
सोलर सिंचाई पंप (सांकेतिक चित्र)
हिमाचल में सिंचाई करने के लिए डीजल-बिजली से चलने वाले पंप अब सौर ऊर्जा से चलेंगे। 23 सितंबर को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शिमला स्थित राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ से केंद्र सरकार की कुसुम योजना का शुभारंभ करेंगे। हिम ऊर्जा, बिजली बोर्ड और कृषि विभाग मिलकर हिमाचल में यह अभियान चलाएंगे। सौर ऊर्जा पंप लगाने के लिए आने वाली कुल लागत का किसानों को सिर्फ दस प्रतिशत खर्च उठाना होगा। मोदी सरकार ने किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महाअभियान (कुसुम) योजना बिजली संकट से जूझ रहे इलाकों को ध्यान में रख शुरू की है।
विज्ञापन
कुसुम योजना में देश भर में सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी डीजल/बिजली के पंप को सोलर ऊर्जा से चलाने की योजना है। कुसुम योजना का एलान केंद्र सरकार के आम बजट 2018-19 में किया गया था। देश में किसानों को सिंचाई में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिक या कम बारिश की वजह से किसानों की फसलें खराब हो जाती हैं। केंद्र सरकार की कुसुम योजना के जरिये किसान अपनी जमीन में सौर ऊर्जा उपकरण और पंप लगाकर अपने खेतों की सिंचाई कर सकेंगे।
विज्ञापन
कुसुम योजना की मदद से किसान अपनी भूमि पर सोलर पैनल लगाकर इससे बनने वाली बिजली का उपयोग खेती के लिए कर सकेंगे।
कुसुम योजना में साल 2022 तक देश में तीन करोड़ सिंचाई पंप को बिजली या डीजल की जगह सौर ऊर्जा से चलाने का लक्ष्य रखा गया है। सोमवार को ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की बुधवार को होने वाले कार्यक्रम को लेकर दिन भर बैठकों का दौर चला। अतिरिक्त मुख्य मुख्य ऊर्जा रामसुभग सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ योजना को लेकर बैठक ली।
विज्ञापन