धारा 118 मामला: राज्य चुनाव आयुक्त मित्रा से सवा छह घंटे पूछताछ
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धारा 118 के तहत कथित तौर पर गैर हिमाचलियों को जमीन खरीदने की मंजूरी देने के मामले में राज्य चुनाव आयुक्त पार्थ सारथी मित्रा से विजिलेंस ब्यूरो ने सोमवार को करीब सवा छह घंटे पूछताछ की।
विजिलेंस ने मामले के आरोपियों, रिकॉर्डिंग और गवाह बन चुके लोगों के बयानों से मित्रा की बातचीत के क्रॉस क्वेश्चन किए। मित्रा से मिले जवाब और बयान के आधार पर विजिलेंस अब अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी।
सूत्रों के अनुसार सुबह करीब साढ़े दस बजे विजिलेंस मुख्यालय पहुंचे मित्रा ने पूछताछ के दौरान सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। विजिलेंस अब मित्रा को दोबारा पूछताछ के लिए बुला सकती है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में एक साल के दौरान करीब ढाई सौ से ज्यादा लोगों को धारा 118 के तहत जमीन खरीदने की मंजूरी दी गई थी। इस दौरान मित्रा तत्कालीन धूमल सरकार में राजस्व विभाग के प्रधान सचिव थे।
बिचौलियों से भी हुई पूछताछ
भ्रष्टाचार से जुड़े जिस मामले की जांच में विजिलेंस ने मित्रा को बुलाया था, उसी संबंध में बिचौलियों की भूमिका निभा रहे शिमला और चंडीगढ़ के दो व्यापारियों को भी नोटिस जारी किया गया था। दोनों से शाम को करीब एक घंटे पूछताछ की गई।
विजिलेंस सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को भी दोनों व्यापारियों से पूछताछ की जाएगी।मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सोमवार को पी. मित्रा से हुई विजिलेंस पूछताछ पर सवाल किया गया तो वह इसे टाल गए। मीडिया को कोई जवाब न देते हुए सीएम सचिवालय में डीसी और एसपी की दूसरे चरण की बैठक के लिए चले गए।