हिमाचल के दिव्यांग मतदाताओं को चिह्नित करेगा चुनाव आयोग
चुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर दिव्यांगों को सहूलियत प्रदान करने के मकसद से चुनाव आयोग बड़ा अभियान चलाने जा रहा है। 9 मार्च को प्रस्तावित पल्स पोलियो दिवस पर आयोग स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से दिव्यांग मतदाताओं को चिह्नित कर डाटा तैयार करेगा।
इस डाटा को स्वास्थ्य कर्मी तैयार कर आयोग को मुहैया कराएंगे और उसकी मदद से आयोग मतदान केंद्रों पर जरूरत के अनुसार उपकरण और अन्य संसाधन मुहैया कराएगा। इस संबंध में चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र भी लिख दिया है।
2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान चुनाव आयोग ने दिव्यांगों को मतदान बूथों पर सहायता मुहैया कराने के लिए कई तरह के प्रयास किए थे। इस बार आयोग ने दिव्यांगों को हरसंभव सुविधा मुहैया कराने के लिए अभी से कवायद शुरू कर दी है।
अलग सूची तैयार की जाएगी
हर घर में दिव्यांगों को चिह्नित कर अलग सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद दृष्टि बाधित मतदाताओं को जहां एनसीसी और एनएसएस जैसे संगठनों के कैडेटों की मदद से मतदान केंद्र पर सहायता मुहैया कराई जाएगी।
वहीं, अन्य तरह के मतदाताओं को उनकी जरूरत के हिसाब से संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। मुख्य चुनाव अधिकारी देवेश कुमार ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में करीब एक लाख से ज्यादा दिव्यांग हैं।
चूंकि प्रदेश में मतदाता संख्या जनसंख्या के अनुपात के हिसाब से शत प्रतिशत है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि दिव्यांग मतदाता सूची में शामिल हैं। लेकिन, उनको मतदाता सूची से चिह्नित नहीं किया जा सकता। इसलिए स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग से उन्हें चिह्नित किया जाएगा।