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नेताजी जरा संभलकर, जुबान फिसली तो पड़ेगा महंगा

Mon, 21 Apr 2014 08:34 AM IST
Updated Mon, 21 Apr 2014 08:34 AM IST
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Election commision will keep eye on campaign of leaders

नेताजी अभी समय है। अपनी जुबान पर जरा ब्रेक लगाकर चुनाव प्रचार करें। क्योंकि, आपकी जुबान फिसली तो मुश्किल में पड़ जाएंगे।

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कम से कम विरोधी के व्यक्तिगत आक्षेप के खिलाफ तो चुनावी सभाओं में हमला मत ही कीजिए। ऐसा करने की स्थिति में निर्वाचन आयोग आपके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बैठा हुआ है। यहां तक की आपके चुनाव प्रचार पर रोक भी लग सकती है।

इस सिलसिले में हिमाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों को पत्र के माध्यम से सूचित किया है। साथ ही उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को चुनावी सभाओं पर पैनी नजर रखने के लिए निर्देश दिए हैं।
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चुनाव आयोग को हो चुकी हैं शिकायतें

Election commision will keep eye on campaign of leaders

पिछले दिनों कांग्रेस और भाजपा नेताओं की ओर से ताबड़तोड़ एक-दूसरे के खिलाफ व्यक्तिगत अटैक किए गए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र चौहान से इसकी शिकायतें भी की गईं, जिसका संज्ञान लेते हुए चौहान ने राजनीतिक दलों को कड़ा संदेश जारी किया है।

राजनीतिक दलों को भेजे गए पत्र में आईपीसी की धारा 171-6 का हवाला दिया गया है, जिसमें नेताओं को व्यक्तिगत आक्षेप पर हमला करने से बचने की नसीहत दी गई है। इसके अलावा नेताजी पर नजर रखने के लिए प्रदेश भर के जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

मुख्य चुनाव अधिकारी नरेंद्र चौहान का कहना है कि लगातार व्यक्तिगत आक्षेप पर अटैक की शिकायतें आ रही थीं। इसको ध्यान में रखकर राजनीतिक दलों को पेत्र भेजा गया है।

आजम-अमित शाह पर हो चुकी कार्रवाई

Election commision will keep eye on campaign of leaders

जुबान फिसलने पर उत्तर प्रदेश में निर्वाचन आयोग की ओर से सपा नेता आजम खां और भाजपा नेता अमित शाह के चुनावी कार्यक्रमों पर रोक लग चुकी है।

हालांकि, अमित शाह की ओर से माफी मांगने पर चुनाव प्रचार की छूट दे दी गई है, लेकिन आजम खां को अभी तक राहत नहीं मिल पाई है।

ऐसे में हिमाचल के नेताओं को भी अपनी जुबान पर काबू रखने के लिए कहा गया है। यदि ये सीमाएं लांघते हैं तो इन्हें इसकी कीमत भी चुकानी होगी।

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