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दिवाली पर पटाखों की आग में 8 लोग झुलसे
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दो बच्चों की आंखों में आईं गंभीर चोटें, आईजीएमसी में चल रहा है दोनों बच्चों का उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। दीपावली की रात पटाखे फोड़ते हुए दो बच्चों समेत आठ लोग झुलस गए। सभी घायलों को उपचार के लिए देररात आईजीएमसी लाया गया। इसमें दो बच्चों को नेत्ररोग वार्ड में दाखिल किया गया है।
राजधानी शिमला में दीपावली पर शहर में जहां लोगों ने जमकर पटाखे जलाए वहीं आधा दर्जन से अधिक बच्चों की आंखों में चोटें आई हैं। इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों को बच्चों की आंखों की जांच के लिए देर रात करीब एक बजे ओपीडी खोलनी पड़ी। इसके बाद आंखों की मशीनों पर बच्चों के विजन समेत अन्य जरूरी जांच की गई। इसमें कुछ बच्चों को उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
दो बच्चों की आंखों में पटाखों के कारण ब्लीडिंग होने से उन्हें अस्पताल में दाखिल करना पड़ा। आईजीएमसी के नेत्ररोग विभागाध्यक्ष डॉ. रामलाल शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चों का चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा है। बताया कि देर रात करीब 70 फीसदी बच्चे पटाखों के फूटने के बाद आंखों में चोट की समस्या लेकर उपचार के लिए आए हैं।
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डीडीयू में देर रात तक चलता रहा उपचार
शहर के डीडीयू अस्पताल में भी देररात अचानक पटाखों से जलकर आए लोगों की संख्या बढ़ गई। सुबह चार बजे तक यह सिलसिला जारी रहा। इसके बाद दोपहर के बाद इक्का दुक्का मरीज इलाज के लिए आए। खटनोल से आए व्यक्ति ने बताया कि उनके हाथ में अनार फूट गया था। इसके बाद अस्पताल में उनकी मरहम पट्टी की गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। दीपावली की रात पटाखे फोड़ते हुए दो बच्चों समेत आठ लोग झुलस गए। सभी घायलों को उपचार के लिए देररात आईजीएमसी लाया गया। इसमें दो बच्चों को नेत्ररोग वार्ड में दाखिल किया गया है।
राजधानी शिमला में दीपावली पर शहर में जहां लोगों ने जमकर पटाखे जलाए वहीं आधा दर्जन से अधिक बच्चों की आंखों में चोटें आई हैं। इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों को बच्चों की आंखों की जांच के लिए देर रात करीब एक बजे ओपीडी खोलनी पड़ी। इसके बाद आंखों की मशीनों पर बच्चों के विजन समेत अन्य जरूरी जांच की गई। इसमें कुछ बच्चों को उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
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दो बच्चों की आंखों में पटाखों के कारण ब्लीडिंग होने से उन्हें अस्पताल में दाखिल करना पड़ा। आईजीएमसी के नेत्ररोग विभागाध्यक्ष डॉ. रामलाल शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चों का चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा है। बताया कि देर रात करीब 70 फीसदी बच्चे पटाखों के फूटने के बाद आंखों में चोट की समस्या लेकर उपचार के लिए आए हैं।
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डीडीयू में देर रात तक चलता रहा उपचार
शहर के डीडीयू अस्पताल में भी देररात अचानक पटाखों से जलकर आए लोगों की संख्या बढ़ गई। सुबह चार बजे तक यह सिलसिला जारी रहा। इसके बाद दोपहर के बाद इक्का दुक्का मरीज इलाज के लिए आए। खटनोल से आए व्यक्ति ने बताया कि उनके हाथ में अनार फूट गया था। इसके बाद अस्पताल में उनकी मरहम पट्टी की गई।