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हड़ताल का असर : ओपीडी के बाहर घंटों करना पड़ रहा इंतजार
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आईजीएमसी में आरकेएस कर्मियों की हड़ताल से मरीजों का दर्द बढ़ा
ओपीडी में दोपहर तक नहीं आ रहा नंबर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रोगी कल्याण समिति के तहत कार्यरत कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रही।
अस्पताल में उपचार करवाने आए मरीजों को इस कारण भारी परेशानी झेलनी पड़ी। अस्पताल प्रबंधन हड़ताल को समाप्त करवाने में असफल रहा है। आईजीएमसी में सुबह नौ बजे से ही मरीजों की भीड़ अस्पताल में जुटना शुरू हो गई थी। पर्ची काउंटरों से लेकर कैश काउंटर तक बिलिंग करवाने के लिए मरीजों की भीड़ लगी रही। संजौली से आई शिवानी ने बताया कि पिछले दो दिन से वह अपने बच्चे के उपचार करवाने के लिए अस्पताल में भटक रही है। बताया कि पर्ची बनाने में ही काफी समय लग जाता है। यहां से जब ओपीडी पहुंचते हैं तो जब तक नंबर आता है तब तक डॉक्टर ओपीडी से उठकर चले जाते हैं। बताया कि दूरदराज के क्षेत्रों से उपचार करवाने आए मरीज भटक रहे हैं।
अर्की के सुंदर सिंह ने बताया कि उनकी मां का उपचार अस्पताल में होना है। यहां पर हड़ताल है तो प्रदेशभर से आए मरीज और उनके तीमारदार दिक्कतों में हैं। कहा कि सरकार अस्पताल के इन कर्मचारियों की मांगें पूरा करें ताकि अस्पताल में मरीज छह घंटों तक जो परेशानी झेल रहे हैं, वह खत्म हो सकें। शनिवार को भी अस्पताल में 1900 मरीजों ने ओपीडी में उपचार करवाया है।
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ओपीडी में दोपहर तक नहीं आ रहा नंबर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रोगी कल्याण समिति के तहत कार्यरत कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रही।
अस्पताल में उपचार करवाने आए मरीजों को इस कारण भारी परेशानी झेलनी पड़ी। अस्पताल प्रबंधन हड़ताल को समाप्त करवाने में असफल रहा है। आईजीएमसी में सुबह नौ बजे से ही मरीजों की भीड़ अस्पताल में जुटना शुरू हो गई थी। पर्ची काउंटरों से लेकर कैश काउंटर तक बिलिंग करवाने के लिए मरीजों की भीड़ लगी रही। संजौली से आई शिवानी ने बताया कि पिछले दो दिन से वह अपने बच्चे के उपचार करवाने के लिए अस्पताल में भटक रही है। बताया कि पर्ची बनाने में ही काफी समय लग जाता है। यहां से जब ओपीडी पहुंचते हैं तो जब तक नंबर आता है तब तक डॉक्टर ओपीडी से उठकर चले जाते हैं। बताया कि दूरदराज के क्षेत्रों से उपचार करवाने आए मरीज भटक रहे हैं।
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अर्की के सुंदर सिंह ने बताया कि उनकी मां का उपचार अस्पताल में होना है। यहां पर हड़ताल है तो प्रदेशभर से आए मरीज और उनके तीमारदार दिक्कतों में हैं। कहा कि सरकार अस्पताल के इन कर्मचारियों की मांगें पूरा करें ताकि अस्पताल में मरीज छह घंटों तक जो परेशानी झेल रहे हैं, वह खत्म हो सकें। शनिवार को भी अस्पताल में 1900 मरीजों ने ओपीडी में उपचार करवाया है।
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