शिक्षा विभाग ने दिया पीजीटी, लेक्चरर को झटका
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जिन विषयों में छात्रों की संख्या शून्य है, वहां पीजीटी और लेक्चरर की एसएमसी से भर्ती नहीं होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है। उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने सभी उपनिदेशकों और स्कूल प्रिंसिपलों को इस बाबत आदेश भी जारी कर दिए हैं। इसके अलावा स्कूलों में अपने स्तर पर नए सब्जेक्ट शुरू करने पर भी रोक लगा दी है।
नियमों के विपरीत एसएमसी भर्ती करने वाले प्रिंसिपलों को विभाग ने कड़ी कार्रवाई के लिए चेताया है। उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि कई स्कूलों से सूचना मिली है कि कुछ स्कूलों में नॉन फंक्शनल विषयों में पीजीटी और लेक्चरर के पद एसएमसी से भरे जा रहे हैं।
स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश
इन शिक्षकों को छात्रों से या एसएमसी से लेकर वेतन दिया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एसएमसी से किसी भी प्रकार से भर्ती न की जाए। भविष्य में एसएमसी शिक्षक स्थायी नियुक्ति की मांग करते हैं।
मामले कोर्ट में पहुंच जाते हैं। उच्च शिक्षा निदेशक ने कहा है कि अगर ऐसे मामले दोबारा सामने आए तो स्कूल प्रिंसिपलों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिला उपनिदेशकों को स्कूलों का निरंतर औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। कहा गया है कि हर तीन माह की रिपोर्ट विभाग को भेजी जाए।