आर्थिक सर्वेक्षण: हिमाचल की विकास दर 8.3 फीसदी बढ़ी, प्रतिव्यक्ति आय 10 फीसदी बढ़ने का अनुमान
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को सदन में वित्तीय वर्ष 2021-22 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया। रिपोर्ट के अनुसार आर्थिक विकास दर में करीब 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। प्रतिव्यक्ति आय भी 10 फीसदी की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में कोविड महामारी के बावजूद आर्थिक विकास दर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में यह दर 8.3 फीसदी आंकी गई है, जबकि 2020-21 में यह -5.2 थी। इस तरह से इसमें करीब 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। प्रतिव्यक्ति आय भी 10 फीसदी की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। यह 2,01,854 रुपये हो चुकी है, जो राष्ट्रीय अनुमानित प्रति व्यक्ति आय से 51,528 रुपये अधिक है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को सदन में वित्तीय वर्ष 2021-22 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया।
वर्ष 2020-21 में राज्य की अर्थव्यवस्था में संकुचन के बाद वर्ष 2021-22 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में 8.3 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। इसमें वर्ष 2019-20 के मुकाबले 2021-22 में 2.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 2021-22 में स्थिर कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद का अनुमान 1,24,400 करोड़ है, जबकि वर्ष 2020-21 के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद का अस्थायी अनुमान 1,14,814 करोड़ रुपये है। वर्ष 2021-22 में प्रचलित कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद का 1,75,173 करोड़ रुपये का अनुमान है। वर्ष 2020-21 के लिए सकल घरेलू उत्पाद का अस्थायी अनुमान 1,56,675 करोड़ रुपये है।
किस क्षेत्र में कितनी वृद्धि
कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के प्रभावित होने से 8.7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। उद्योग क्षेत्र का सकल मूल्य वर्द्धन वर्ष 2021-22 में 11 प्रतिशत बढ़ेगा। वर्ष 2020-21 इसमें 6.6 प्रतिशत का संकुचन हुआ। सेवा क्षेत्र में पिछले वर्ष की 2.1 प्र्रतिशत ऋणात्मक वृद्धि की तुलना में वर्ष 2021-22 में 6.3 प्रतिशत बढ़ोतरी होगी।
मुद्रास्फीति की दर 6.0 प्रतिशत बढ़ी
मुद्रास्फीति की दर वर्ष 2020-21 में 5.2 प्रतिशत हो गई। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में इसमें अप्रैल से दिसंबर के बीच 6.0 फीसदी की बढ़ोतरी रही। पिछले वर्ष यह 5.3 प्रतिशत थी।
क्षेत्रवार विकास दर
क्षेत्र 2020-21 2021-22
प्राथमिक -12.0 8.5
द्वितीयक - 6.0 11.0
तृतीयक -2.1 6.3
विकास दर -5.2 8.3
बागवानी, परिवहन, पर्यटन, होटल कारोबार में हुई विकास दर की खूब बढ़ोतरी
हिमाचल प्रदेश में बागवानी, परिवहन, पर्यटन, होटल कारोबार आदि क्षेत्रों में विकास दर में खूब बढ़ोतरी हुई। इसी से विकास दर में करीब 14 फीसदी का अप्रत्याशित उछाल आया। यह खुलासा आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट से हुआ है। इस रिपोर्ट के अनुसार कोविड की वजह से लगे लॉकडाउन खुलने से वित्तीय वर्ष 2021-22 में केंद्रीय कर सहित टैक्स से आय 14,806 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यह वित्त वर्ष 2020-21 में 12,312 करोड़ रुपये था। गैर कर राजस्व 2,754 करोड़ रुपये होने का अनुमान है जो 2020-21 में 2,268 करोड़ रुपये था। इसमें 21.43 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। ऋणों की वसूलियों से महज 41 करोड़ रु पये मिलेंगे। गैर कर राजस्व सकल घरेलू उत्पाद का 1.57 फीसदी होने की संभावना है।
वर्ष 2020-21 में जहां बागवानी फसलों के उत्पादन के प्रभावित होने से 12.9 प्रतिशत की वृद्धि दर देखी गई, वहीं फसल क्षेत्र में 2021-22 में 12.9 फीसदी की बढ़ोतरी रही।
बागवानी उत्पादों में वृद्धि का भी विकास दर के बढ़ने पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। कोविड 19 के लॉकडाउन का इस क्षेत्र पर प्रभाव इसलिए कम रहा कि फलों, सब्जियों, दूध आदि की आवाजाही की अनुमति दे दी गई थी। लॉकडाउन के कारण जहां 2020-21 में उद्योगों समेत अन्य विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि दर में गिरावट देखी गई, वहीं अर्थव्यवस्था के खुलने के बाद इस बारे में रिकवरी देखी गई। परिवहन से संबंधित आकस्मिक सेवाओं से इस क्षेत्र में 16.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2020-21 में होटल और रेस्तराओं की विकास दर -78.7 प्रतिशत थी, जो 2021-22 में बढ़कर 56.5 प्रतिशत हो गई। पर्यटकों का आगमन जहां -81.33 प्रतिशत का संकुचन बता रहा था, वहीं यह 2021 में 75.43 प्रतिशत हो गया। वर्ष 2021-22 में कुल राजस्व प्राप्तियां 37,028 करोड़ रुपये रहीं। हिमाचल प्रदेश में कोविड काल में सामाजिक क्षेत्र में व्यय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई।
इस तरह से हुईं सरकार की प्राप्तियां
राजस्व प्राप्तियां 21.14
कर राजस्व 8.45
गैर कर राजस्व 1.57
कुल व्यय 28.65
राजस्व व्यय 21.97
पूंजीगत व्यय 3.43