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प्रदूषण रहित पर्यावरण के लिए चलेंगे ई-रिक्शा, ट्रायल शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Fri, 29 Dec 2017 10:24 AM IST
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कुल्लू जिले से इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत होने के बाद वीरवार को ई-रिक्शा का भी ट्रायल किया गया। ट्रायल के दौरान एसपी शामिल अग्निहोत्री बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहीं। पर्यावरण को प्रदूषण रहित रखने के लिहाज से ई-रिक्शा काफी कारगर साबित हो सकते हैं।
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फिलहाल, शहर में दस दिन तक ये वाहन सिर्फ लोगों को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे हैं। ई-रिक्शा बैटरी से संचालित होंगे। इनमें चालक सहित पांच यात्रियों के बैठने की सुविधा होगी। चार्जिंग के बाद पहाड़ी राज्य हिमाचल में ई-रिक्शा करीब 75 किलोमीटर के दायरे में चलेंगे, जबकि मैदानी इलाकों में इनका चलने का दायरा करीब सौ किलोमीटर तक है।
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ये वाहन ई-रिक्शा और लोडर दो श्रेणियों में उपलब्ध हैं। इनकी आरटीओ स्वीकृति का मामला सरकार के पास विचाराधीन है। स्वीकृति मिलने के बाद इन्हें खरीदा जा सकता है। ई-रिक्शा और लोडर सवा लाख से करीब डेढ़ लाख रुपये के बीच उपलब्ध होंगे।
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मूलतया कुल्लू जिले से संबंध रखने वाले वेदेज ग्रुप के फाउंडर राम शर्मा ने बताया कि ई-रिक्शा देश के 14 राज्यों में चल रहे हैं। हिमाचल के कुल्लू जिले में पहली बार इस तरह के वाहनों का ट्रायल हुआ।
चार्जिंग में खर्च होगी पांच-छह यूनिट बिजली
ई-रिक्शा बैटरी चार्जिंग में पांच से छह यूनिट बिजली खर्च होगी। इसमें करीब 15 से 20 रुपये का खर्च आएगा। बीच रास्ते में बैटरी खत्म होने पर पेट्रोल से चार्जिंग का भी विकल्प दिया है।
पहाड़ी क्षेत्र के लिए ई-रिक्शा में दो गियर हैं। राम शर्मा ने आयुर्वेद व आर्गेनिक खेती के विषय में बैंकॉक में थाईलैंड के प्रधानमंत्री से अंतरराष्ट्रीय युवा व्यवसायी पुरस्कार हासिल किया है।
अब वे पर्यावरण संरक्षण के लाए ई-रिक्शा और लोडर लेकर आएं हैं। इस दौरान आरएम मंगल चंद मनेपा, डीपीआरओ शेर सिंह शर्मा और एपीआरओ अनिल गुलेरिया मौजूद रहे। वेदेज ग्रुप के कंट्री हेड नवनीश चोपड़ा ने विस्तार से ई-रिक्शा की जानकारी दी।