गगल एयरपोर्ट पर खराब मौसम में भी विमान लैंड कराने के दावे हवा
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गगल एयरपोर्ट पर खराब मौसम में भी लैंडिंग के दावे हवा हो गए हैं। सितंबर 2016 को गगल एयरपोर्ट पर डॉप्लर वैरी हाई फ्रिक्वेंसी ओमनी डायरेक्शनल रेंज (डीवीओआर) को स्थापित करने का प्रपोजल तैयार किया गया था। इस दौरान जनवरी 2017 में इसे शुरू करने का एयरपोर्ट अथॉरिटी ने दावा किया था। इस डीवीओआर पर करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपये खर्च करने की बात कही गई थी।
जून 2018 में डीवीओआर की स्थापना के लिए दिल्ली की टीम ने गगल एयरपोर्ट का निरीक्षण कर संभावनाएं तलाशीं। वहीं, डीवीओआर को नवंबर, 2018 में स्थापित कर इसे चालू कर दिया गया। बावजूद इसके खराब मौसम में भी लैंडिंग कराना मुमकिन नहीं हो पाया है।
जानकारी के अनुसार गगल एयरपोर्ट पर डीवीओआर सिस्टम स्थापित तो हो चुका है, लेकिन इसे चलाने वाले कुछ उपकरणों को अभी तक स्थापित नहीं किया जा सका है। इस सिस्टम में कई ऐसे उपकरण लगना शेष हैं, जो कि सही जानकारी उपलब्ध करवा सकें।
इन उपकरणों के न लगने का खामियाजा यहां पर आए दिन खराब रहने वाले मौसम के कारण फ्लाइटों की लैंडिंग पर पड़ रहा है। इसी के चलते दो जनवरी को हल्का सा मौसम खराब होने पर भी गगल एयरपोर्ट पर एयर इंडिया का जहाज लैंड नहीं हो सका था।
क्या है डीवीओआर सिस्टम
डॉप्लर वैरी हाई फ्रिक्वेंसी ओमनी डायरेक्शनल रेंज (डीवीओआर) सिस्टम के कारण खराब मौसम की जानकारी पायलट को मिलती है। रनवे पर लैंड करने के लिए खराब मौसम में भी उचित विजिविलिटी रहती है। ऐसे में पायलट आसानी से जहाज को लैंड कराने में सक्षम हो जाता है।
कुछ उपकरण लगने बाकी: किशोर
गगल एयरपोर्ट के निदेशक किशोर शर्मा ने बताया कि एयरपोर्ट पर डीवीओआर सिस्टम तो चालू हो चुका है, लेकिन अभी भी इसमें कुछ और उपकरण जुड़ने बाकी हैं, जिन्हें स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, यह सिस्टम पूरी तरह से कार्य करना शुरू कर देगा।