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भारी बर्फबारी के कहर से कोकसर में तीन गांवों के लोगों ने किया पलायन, स्कूल भी शिफ्ट

Fri, 27 Dec 2019 10:01 AM IST
Krishan Singh दिनेश जस्पा, अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
दिनेश जस्पा, अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति) Published by: Krishan Singh Updated Fri, 27 Dec 2019 10:01 AM IST
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Due to heavy snowfall, people of three villages in Koksar migrated, school also shifted
- फोटो : अमर उजाला

बर्फबारी के दौरान मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कोकसर पंचायत के लोगों को दशकों से पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कोकसर का प्राइमरी स्कूल भी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है। इसके अलावा भारी बर्फबारी की जद्द में आने से आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी कोकसर के चिकित्सक को भी जिला मुख्यालय केलांग भेजा गया है। 

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  हर साल सर्दी में लाहौल की कोकसर पंचायत के गांव कोकसर, डिम्फुक और रमथंग के लोग यहां से सर्दी में तीन-चार माह के लिए जिला से बाहर पलायन कर देते हैं। ऐसे में प्राथमिक पाठशाला कोकसर को भी विंटर के लिए वोगचा और आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में तैनात डॉक्टर को केलांग भेजा गया है।
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हालांकि यह अधिकारियों के फरमान पर नहीं, बल्कि पंचायत की ओर से अनापत्ति पत्र पर इन्हें दूसरे जगह के लिए शिफ्ट किया गया है। सर्दी के दिनों में कोकसर पंचायत के लोगों के पलायन से यहां तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को भी शिफ्ट किया जाता है।
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क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पलायन होना उनका शौक नहीं है, बल्कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में मजबूरी बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकार कोकसर पंचायत में मूलभूत सेवाएं दे तो क्षेत्र के लोग पलायन नहीं करेंगे। लाहौल घाटी के प्रवेश द्वार कोकसर पंचायत में दिक्कतें कब दूर होगी।

Due to heavy snowfall, people of three villages in Koksar migrated, school also shifted

पंचायत प्रधान अंजू देवी ने बताया कि कोकसर पंचायत में बर्फबारी के दिनों में कोई बीमार पड़ जाए तो उसे घाटी से बाहर निकालना तो दूर 12 किलोमीटर दूर सिस्सू पीएचसी पहुंचाना भी मुश्किल पड़ जाता है। बताया कि कोकसर से लेकर गुफा होटल तक हिमखंड गिरने का खतरा रहता है।

उन्होंने बताया कि कोकसर पंचायत के लोग दशकों से उस क्षेत्र में हेलीपैड बनाने की सरकार से मांग कर रहे हैं। लेकिन आज तक कोकसर पंचायत में हेलीपैड नहीं बन पाया है और न ही इस पंचायत में पीएचसी खोली गई है।

स्थानीय निवासी रतन सिंह ने बताया हेलीपैड के बन जाने पर लोग आपात परिस्थिति में यहां से बाहर निकाल सकते हैं। इंस्पेक्शन विंग के उपनिदेशक चिरंजी लाल ने बताया कि सर्दियों में कोकसर पंचायत के लोग कुल्लू और मनाली के लिए पलायन कर जाते हैं।

कहा कि इसके मद्देनजर कोकसर पाठशाला में तैनात अध्यापक और एक बच्चे को दूसरे स्कूल में भेज दिया है। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मुरारी लाल ने बताया कि आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में तैनात डॉक्टर को केलांग भेज दिया है।

दोनों अधिकारी ने बताया कि यह उनके अपने आदेश पर नहीं, बल्कि समस्त पंचायत के लोगों के विंटर में पलायन पर अनापत्ति प्रमाणपत्र पर यह आदेश किए हैं।

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