{"_id":"69a44b29210f5f40ea0791f7","slug":"duckt-work-in-ridge-shimla-news-c-19-sml1002-684899-2026-03-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: मालरोड पर अब खेल परिसर के पास डक्ट का काम शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: मालरोड पर अब खेल परिसर के पास डक्ट का काम शुरू
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के मालरोड पर तारों का जंजाल भूमिगत करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने अब इंदिरा गांधी खेल परिसर के पास डक्ट निर्माण शुरू कर दिया है। इसके लिए यहां बेरिकेडिंग कर जेसीबी की मदद से सड़क की खोदाई की जा रही है।
इससे पहले लोक निर्माण विभाग शिल्ली चौक से इनरव्हील क्लब तक सड़क की खोदाई कर रहा था। अब खेल परिसर से शिल्ली चौक की ओर निर्माण शुरू किया गया है। मालरोड पर खोदाई के काम से पेयजल आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए यहां दो नई पेयजल लाइनें बिछाई जा रही हैं। इसे सड़क के ऊपर बिछाया जा रहा है। विभाग के अनुसार समर टूरिस्ट सीजन से पहले लिफ्ट तक मालरोड पर डक्ट का काम पूरा करने का टारगेट रखा गया है। अभी तक छोटा शिमला से लेकर शिल्ली चौक तक डक्ट निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसे जल्द ही वाहनों की आवाजाही के लिए भी खोला जाएगा। मालरोड पर बन रहे डक्ट में बिजली तारों के अलावा केबल, पेयजल लाइनें भूमिगत की जाएंगी। इससे मालरोड पर तारों का जंजाल खत्म होगा और सौंदर्यीकरण बढ़ेगा।
विज्ञापन
शिमला। राजधानी के मालरोड पर तारों का जंजाल भूमिगत करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने अब इंदिरा गांधी खेल परिसर के पास डक्ट निर्माण शुरू कर दिया है। इसके लिए यहां बेरिकेडिंग कर जेसीबी की मदद से सड़क की खोदाई की जा रही है।
इससे पहले लोक निर्माण विभाग शिल्ली चौक से इनरव्हील क्लब तक सड़क की खोदाई कर रहा था। अब खेल परिसर से शिल्ली चौक की ओर निर्माण शुरू किया गया है। मालरोड पर खोदाई के काम से पेयजल आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए यहां दो नई पेयजल लाइनें बिछाई जा रही हैं। इसे सड़क के ऊपर बिछाया जा रहा है। विभाग के अनुसार समर टूरिस्ट सीजन से पहले लिफ्ट तक मालरोड पर डक्ट का काम पूरा करने का टारगेट रखा गया है। अभी तक छोटा शिमला से लेकर शिल्ली चौक तक डक्ट निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसे जल्द ही वाहनों की आवाजाही के लिए भी खोला जाएगा। मालरोड पर बन रहे डक्ट में बिजली तारों के अलावा केबल, पेयजल लाइनें भूमिगत की जाएंगी। इससे मालरोड पर तारों का जंजाल खत्म होगा और सौंदर्यीकरण बढ़ेगा।
विज्ञापन