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Drug Case: पुलिस कर्मियों के मोबाइल खोलेंगे राज, संपत्तियां खंगालने की तैयारी
Tue, 11 Feb 2025 12:48 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 11 Feb 2025 12:48 PM IST
सार
नशीले पदार्थों को पकड़ने वाले पुलिस कर्मचारियों के घरों में एक साथ दबिश देने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। दबिश के दौरान पुलिस कर्मचारियों के मोबाइल फोन को कब्जे में लिए हैं।
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एसटीएफ का एक्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) की ओर से पुलिस कर्मचारियों के घरों में दी गई दबिश से हिमाचल में हड़कंप मचा हुआ है। नशीले पदार्थों को पकड़ने वाले पुलिस कर्मचारियों के घरों में एक साथ दबिश देने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। दबिश के दौरान पुलिस कर्मचारियों के मोबाइल फोन को कब्जे में लिए हैं। इनकी किन-किन लोगों से बात हुई है। एसआईटी इसका डाटा खंगालने में जुटी गई है। पुलिस का मानना है कि तस्करों की संपत्ति खंगालने के लिए भी मोबाइल से कई राज खुल सकते हैं।
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बताया जा रहा है कि पुलिस कर्मचारियों के घरों में दबिश दिए जाने से पहले कार्यालय में एक मैराथन बैठक हुई थी। तय हुआ कि कब पुलिस कर्मचारियों के घरों में दबिश दी जानी है। दबिश को गुप्त रखने की बात हुई थी। केंद्रीय एजेंसी से भी हिमाचल पुलिस को तस्करों के साथ कुछ पुलिस कर्मचारियों के मिले होने के इनपुट मिले थे। इसके अलावा सीआईडी और खुफिया एजेंसी, पुलिस मुख्यालय में भी सूचना थी कि कहीं पुलिस के कर्मचारी तस्करों के साथ मिले हुए तो नहीं हैं। यह दबिश 10 पुलिस कर्मचारियों के घरों में ही नहीं, बल्कि 30 से ज्यादा घरों में दी जानी थी। आने वाले समय में यह छापेमारी की जा सकती है।
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उल्लेखनीय है कि हिमाचल में चिट्टा युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है। वहीं, चिट्टे के दाग खाकी तक भी पहुंच रहे हैं। कई नेता भी रडार पर हैं। शिकायत के बाद शुक्रवार को एसटीएफ ने प्रदेश के कई जिलों में पुलिस कर्मियों और तस्करों के ठिकानों पर दबिश दी थी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही कि चिट्टा तस्करी में हिमाचल पुलिस के कुछ कर्मियों के अलावा नेता भी शामिल हैं। हालांकि, यह यह नहीं कहा जा सकता है कि यह सभी चिट्टा तस्करी में शामिल हैं।
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युवा पीढ़ी की जड़ों को खोखला कर रहा चिट्टा
हिमाचल में चिट्टे से युवाओं की मौत हो रही है। घर-घर तक चिट्टा पहुंच गया है। सरकार के महकमों में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के बेटे भी नशे की चपेट में आ गए हैं। प्रदेश सरकार भी नशे के खिलाफ अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।