फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   dress code by school for eid

Shimla News: निजी स्कूल के ईद पर बच्चों को टोपी और सफेद कुर्ता-पायजामा पहनकर आने के निर्देश

Sun, 23 Mar 2025 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Mar 2025 11:55 PM IST
विज्ञापन
dress code by school for eid
शिमला के स्कूल के निर्णय पर विवाद, सेवइयां और ड्राई फ्रूट्स लाने को भी कहा
विज्ञापन

स्कूल प्रबंधक बोले, टोपी और सफेद कपड़े पहनना स्वैच्छिक
संवाद न्यूज़ एजेंसी
शिमला। राजधानी का प्रतिष्ठित ऑकलैंड हाउस स्कूल का एक निर्णय विवादों में घिर गया है। स्कूल ने ईद के मौके पर जूनियर वर्ग के छात्रों को सफेद कुर्ता-पायजामा और छोटी टोपी पहनकर स्कूल आने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बच्चों को सेवइयां और ड्राई फ्रूट्स लाने को भी कहा गया है। स्कूल के इस आदेश पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है और इसे धार्मिक पक्षपात व सनातन संस्कृति के खिलाफ साजिश बताया है। वहीं, स्कूल प्रशासन का कहना है कि टोपी और सफेद कुर्ता-पायजामा पहनना स्वैच्छिक है।
अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले अधिकतर बच्चे हिंदू परिवारों से आते हैं और उन पर इस तरह से एक विशेष धर्म के प्रतीकात्मक वस्त्र पहनने का दबाव बनाना अनुचित है। जिला प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की। फिलहाल सोशल मीडिया पर भी इस फैसले के खिलाफ विरोध देखा जा रहा है और देवभूमि हिमाचल की संस्कृति और भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है।
विज्ञापन

देवभूमि क्षत्रिय संगठन सवर्ण मोर्चा के रुमित ठाकुर ने कहा कि बच्चों की शिक्षा का उद्देश्य उनके अंदर समावेशिता और संस्कार विकसित करना होना चाहिए, न कि धार्मिक भेदभाव और पहचान थोपना। उन्होंने मांग की है कि ऐसे आदेश पर रोक लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
स्कूल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक संदेशों को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
ऑकलैंड हाउस स्कूल ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ फैलाई जा रही भ्रामक और सांप्रदायिक टिप्पणियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। स्कूल प्रशासन ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि स्कूल हमेशा होली, ईद, दिवाली, गुरुपर्व और क्रिसमस जैसे त्योहारों को सांस्कृतिक सम्मान और भारतीय विविधता के प्रतीक के रूप में मनाता है। इन आयोजनों में किसी तरह की धार्मिक बाध्यता या अनुष्ठान में शामिल होना नहीं होता है। बच्चों की भागीदारी हमेशा स्वैच्छिक रहती है।
स्कूल के प्रधानाचार्य रूबिन जॉन ने बताया कि यह बच्चों और अभिभावकों की इच्छा पर निर्भर है कि वे पोशाक पहनकर आना चाहते हैं या नहीं। मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचती है और संस्थान की छवि धूमिल होती है। स्कूल ने यह भी बताया कि आंतरिक सूचना को सार्वजनिक कर नियमों का उल्लंघन किया गया है। स्कूल ने सभी से अपील की है कि वे ऐसे भ्रामक पोस्ट हटाएं और एकता व सद्भाव को बनाए रखें।


भाजपा ने दी प्रदर्शन की धमकी
भाजपा नेता संजय सूद ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि इस तरह के आदेश समाज में तनाव और विभाजन पैदा कर सकते हैं। आज तक किसी भी स्कूल में इस प्रकार का आदेश नहीं दिया गया था। स्कूल को ऐसे निर्देश तुरंत वापस लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि स्कूल ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो 28 मार्च को स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed